चिरकुंडा : एचडीएफसी बैंक चिरकुंडा शाखा में महिला समूह की महिलाओं को लोन देने के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है। बैंक कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से महिलाओं के नाम पर लोन पास कर उसका पैसा उठा लिया गया है। जबकि महिलाओं ने बैंक से कोई लोन लिया ही नहीं है। मैथन लेफ्ट बैंक व आमकुड़ा की दर्जनों महिलाएं इस घोटाले का शिकार हुई हैं। समूह की महिलाओं को पता तब चला जब वो अन्य बैंक से लोन लेने गई। बैंक ने महिलाओं को सिविल जांच में बताया कि उनका एचडीएफसी बैंक चिरकुंडा शाखा से 31 दिसंबर को लोन निर्गत हुआ है। यह सून महिलाओं के होश उड़ गए और दौड़े-दौड़े एचडीएफसी बैंक पहुंचीं। भुक्तभोगी लैफ्ट बैंक मैथन की काजल सिंह, मिथुन मंडल व देवी हाड़ी ने हंगामा करते हुए लोन मैनेजर मुदस्सर नसीम से शिकायत की। महिलाओं ने कहा कि उन्होंने एचडीएफसी से कभी कोई लोन नहीं लिया है तो सिविल रिपोर्ट में लोन कैसे शो कर रहा है। शुरुआत में बैंक अधिकारी शिकायत लेने में आनाकानी करते रहे। बाद में मामला बढ़ता देख शिकायत लेने को मजबूर हुए। शिकायत की जांच करने पर बैंक के दो पूर्व कर्मी अनूप मंडल व सुशांत बनर्जी की मिलीभगत सामने आई। दोनों को बैंक ने निलंबित कर दिया है।

महिलाओं से चालाकी से कागजात हासिल कर घोटाले को दिया गया अंजाम

एचडीएफसी बैंक की ओर से सुशांत बनर्जी व अनूप मंडल महिला समूहों को जोड़ने के लिए आमकूड़ा व मैथन लेफ्ट बैंक गए थे। इसी बीच समूहों को व्यक्तिगत लोन भी दिया गया। लोन की राशि चुकता भी हो गई। लेकिन इन्होंने घोटाले को अंजाम देना शुरू कर दिया। इन्होंने लोन चुकता कर चुके ऋण धारकों के नाम से पैसे की निकासी कर ली। महिलाओं का कागजात चालाकी से हासिल कर नया लोन उठा लिया। घोटाला यहीं नहीं रुका। कुछ लोन धारकों से लोन का ईएमआई वसूल कर बैंक में जमा नहीं किया। इसके कारण उसका आउट स्टैंडिग पड़ा रहा गया। लेफ्ट बैंक निवासी काजल सिंह का आरोहन संस्था के नाम से 45 हजार का फर्जी लोन सेंशन है जबकि उसने कोई लोन लिया ही नहीं है। इसी तरह मिथुन मंडल के नाम पर भी लोन उठा लिया गया है। वहीं देवी हाड़ी ने 26 हजार का लोन लिया था। प्रति महीना किस्त भी जमा किया पर 12 महीना का किस्त बकाया दिखा रहा है। इन्होंने अपने साथ फर्जीवाड़े की पुष्टि की है।

डाटा बेचने का भी हो सकता खेल

मैथन लेफ्ट बैंक निवासी काजल सिंह व मिथुन मंडल की बातों से ऐसी आशंका है कि कहीं डाटा बेच कर लोन जारी व निकासी का कही खेल तो नहीं चल रहा। है भुक्तभोगी महिलाओं के अनुसार उन्होंने एचडीएफसी बैंक में लोन के लिए आवेदन कभी नहीं दिया। फिर बैंक के कर्मियों के पास उनका आधार कार्ड नंबर व छाया प्रति कैसे पहुंची, यह जांच का विषय है। डाटा चोरी का भी खेल हो सकता है।

हजारों महिलाओं ने ग्रुप लोन के माध्यम लोन ले रखा

बैंक महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए महिला समूह के माध्यम से लोन देती है। एक समूह में 10 से 12 महिलाएं होती हैं। बैंक शुरुआत में 25 हजार लोन के रूप में देता है। लोन चुकता करने पर समूह की महिलाओं को व्यक्तिगत लोन भी देती है। मैथन में एक हजार से अधिक महिलाएं विभिन्न महिला समूहों से जुड़ी हुई हुई हैं जो लोन घोटाले का शिकार हो सकती हैं। जांच में लाखों-करोड़ों का घोटाला सामने आ सकता है।

वर्जन :

गड़बड़ी को लेकर शिकायत मिली है। महिलाओं से लिखित आवेदन देने को कहा गया है। चेन्नई ऑफिस शिकायत को भेजेंगे। अनूप मंडल व सुशांत बनर्जी पहले से निलंबित है।

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Posted By: Jagran

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