धनबाद, जेएनएन। तमाम कोशिशों के बावजूद पीएमसीएच में स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। गुरुवार को इलाज के अभाव में दो लोगों की मौत हो गयी। परिजनों ने डॉक्टरों पर उदासीनता बरतने व विशेष केयर नहीं करने का आरोप लगा। इसे लेकर सुबह में परिजनों ने हो हंगामा किया। बाद में समझाने-बुझाने के बाद लोग शांत हुए।

क्या है मामला

पुटकी निवासी वृद्धा साबो देवी को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद बुधवार को भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि रात भर कोई डॉक्टर ने नहीं देखा। सुबह आठ बजे के आसपास जान चली गयी। वहीं वहीं जहरीला पदार्थ खाने के बाद शंकर कुमार को तीन फरवरी को भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप था कि उसे ठीक से नहीं देखा गया। तमाम दवाएं बाहर से ही खरीदी गयी। वॉर्ड में स्थाई रूप से कोई डॉक्टर नहीं रहते हैं, बुलाने पर नर्स देखकर चली जाती रही। इसे लेकर परिजनों ने हंगामा किया। इंडोर वॉर्ड में नहीं मिलते हैं डॉक्टर पीएमसीएच में इमरजेंसी व ओपीडी में डॉक्टर तो मिल जाते हैं, लेकिन इनडोर में डॉक्टर नहीं मिलते हैं।

आइसीयू, एचडीयू, प्वाइजनिंग वार्ड आदि में स्थाई चिकित्सक नहीं रहते हैं। सीनियर डॉक्टर राउंड पर ही आते हैं। इमरजेंसी विभाग में भी अक्सर सीनियर डॉक्टर नहीं दिखते हैं। इसकी सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। बाहर से दवाएं खरीद रहे मरीज इंडोर में भर्ती मरीजों को बाहर से कई दवाएं लानी पड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी इमरजेंसी, प्वाइजनिंग वॉर्ड के मरीजों को रही है। यहां आते ही बाहर से दवाएं लाने को कह दिया जा रहा है।

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