धनबाद, जेएनएन। कोरोना ने आम लोगों के साथ चिकित्सा जगत के लिए भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इस बीमारी से सरकारी चिकित्सक सबसे अग्रिम मोर्चा पर लड़ रहे हैं। एक तो उन्हें कोरोना मरीजों का इलाज करना है और खुद भी संक्रमण से बचना है। इस लिहाज से देखे तो कोयलांचल के डॉक्टरों ने अभी तक कमाल कर रखा है। यहां के कोविड अस्पताल में 50 डॉक्टरों की टीम ने अभी तक 110 कोरोना मरीजों को इलाज से ठीक कर दिया है।

इस दौरान कोविड अस्पताल में मरीजों का इलाज करनेवाले डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों में इंफेक्शन रेट भी अभी तक शून्य हैं। एक दर्जन मरीज 3 दिनों के अंदर ठीक हो गए। अस्पताल के प्रभारी डॉ. आलोक विश्वकर्मा की मानें तो लोगों की मजबूत शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता और अस्पताल में विभिन्न प्रकार की सेवाएं की वजह रही कि सभी लोग कोरोना को मात देने में कामयाब रहे। फिलहाल धनबाद में रिकवरी रेट 100 फीसद है। कोविड अस्पताल में अभी 57 मरीज इलाजरत हैं, जिन्हें स्वस्थ करने के लिए चिकित्सक एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं।

कैंसर पीड़िता के इलाज में लिया गया हैदराबाद के विशेषज्ञ का सहारा अभी तक धनबाद के कोविड अस्पताल में सबसे लंबा इलाज मुंबई से लौटी जामाडोबा की कैंसर पीडि़ता 77 वर्षीय वृद्धा का चला। वे 18 दिनों तक इलाजरत रही। कैंसर के चौथे स्टेज में भी उन्होंने बेहतर इलाज से कोरोना को मात दी। यहां के डॉक्टरों ने उनकी चिकित्सा के लिए हैदराबाद के कैंसर विशेषज्ञ से टेलीमेडिसीन के सहारे सलाह ली। उसी आधार पर उनका इलाज हुआ और वे ठीक होकर घर लौंटी।

ऐसे ठीक होते गए कोरोना मरीज

  • 40 फीसद मरीज 6 दिन के अंदर ठीक हुए
  • 30 फीसद मरीज 12 दिन के अंदर ठीक हुए
  • 25 फीसद मरीज 4 दिन के अंदर ठीक हुए
  • 05 फीसद मरीज 15 से 18 दिन के अंदर ठीक हुए

धनबाद में अभी तक शत प्रतिशत मरीजों को ठीक किया जा चुका है। कोविड-19 अस्पताल में अभी 44 मरीज इलाजरत हैं। इनमें अधिकतर की स्थिति अभी ठीक है। -डॉ. आलोक विश्वकर्मा, नोडल अधिकारी, कोविड-19 अस्पताल, धनबाद।

Posted By: Sagar Singh

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