मैथन, जेएनएन। प. बंगाल सरकार द्वारा झारखंड की सीमा पर प्रवासी मजदूरों को ड्राप किया जा रहा है। यह सब बगैर झारखंड सरकार या सीमावर्ती जिला प्रशासन को विश्वास में लिए किया जा रहा है। इससे कोरोना वायरस के संक्रमण की चिंता धनबाद जिला प्रशासन को सता रही है। क्योंकि प. बंगाल में कोरोना संक्रमण के कई मामले सामने आ चुके हैं। वहां से बड़ी संख्या में मजदूरों के आने से झारखंड में कोरोना वायरस के पहुंचने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। अब तक झारखंड में कोरोना वायरस के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं। इस कारण झारखंड सरकार द्वारा बाहर से आने वाले लोगों को लेकर काफी सतर्कता बरती जा रही है। लेकिन, प. बंगाल सरकार द्वारा झारखंड की मैथन सीमा के पास मजदूरों को छोड़ा जा रहा है। गुरुवार तड़के भी करीब साै मजदूर झारखंड की सीमा पर स्थित मैथन पहुंचे।

प. बंगाल के हावड़ा से बस पर सवार होकर करीब साै मजदूर धनबाद जिले से लगती मैथन सीमा पर पहुंचे। बस के साथ प. बंगाल पुलिस भी थी। मैथन से होकर कोलकाता-दिल्ली जीटी रोड (एनएच-2) गुजरता है। लॉकडाउन के बाद सीमा सील है। प. बंगाल पुलिस बस को झारखंड की सीमा में प्रवेश कर चली गई। मैथन पुलिस ने सबको जीटी रोड पर ही रोक रखा है। पुलिस द्वारा मेडिकल जांच की व्यवस्था कराई जा रही है। मजदूरों का कहना है कि हावड़ा में वे काम करते थे। लॉकडाउन के बाद भूखे मरने की स्थिति आ गई। वहां पुलिस-प्रशासन द्वारा किसी तरह की मदद नहीं की जा रही है। बड़ी मुश्किल से हम लोग यहां तक पहुंचे हैं। हम लोगों के पास खाने की चीजें खरीदने के लिए भी पैसे नहीं हैं। 

Posted By: Mritunjay

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