देवघर : पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को बाबा मंदिर का पट सुबह पांच बजे सरकारी पूजा के लिए खोला गया और बाबा की विशेषज्ञ पूजा अर्चना के बाद सुबह साढ़े छह बजे मंदिर का पट बंद कर दिया गया। इधर पूर्णिमा की वजह से सुबह से ही श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगा स्नान कर शिवगंगा तालाब पर पहुंच रहे थे। इन्हें उम्मीद थी कि पूर्णिमा को लेकर शायद बाबा पूजन का अवसर मिल जाए लेकिन इन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। कई श्रद्धालु शिवगंगा गली होते हुए बाबा मंदिर स्थित सिंह द्वार तक भी पहुंच गए थे जहां पर तैनात बाबा मंदिर थाना के जवानों ने इन्हें रोक कर बैरंग लौटा दिया। लाचारी में श्रद्धालु मंदिर के सामने कर जोड़ कर बाबा को प्रणाम कर वापस लौट गए। सारठ से आए एक श्रद्धालु बास्की पांडेय ने कहा कि वह लॉकडाउन के बारे में जानते हैं मगर उनके पुत्र का शादी तय हुई है। वे प्रशासन से अनुमति लेने के बाद लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए पुत्र की शादी करेंगे। शादी ठीक होने की खुशी में बाबा मंदिर में हाजिरी लगाने आए थे लेकिन पट बंद रहने के कारण बाहर से ही प्रणाम कर लौट रहे हैं। कहा कि वे बाबा बैद्यनाथ को शादी का निमंत्रण भी देने आए थे। लॉकडाउन के कारण बाहर से ही निमंत्रण देकर लौटने की लाचारी है।

Posted By: Jagran

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