श्रावणी मेला: कांवड़ियों की सेहत के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार, देवधर में 24 घंटे काम करेगा हेल्थ कंट्रोल रूम
श्रावणी मेला के लिए देवघर में स्वास्थ्य विभाग ने कांवड़ियों की सेहत सुनिश्चित करने हेतु 16 कोषांगों का गठन किया ...और पढ़ें

कांवड़ियों की सेहत के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार
HighLights
स्वास्थ्य विभाग ने 16 विशेष कोषांगों का गठन किया।
कांवड़ियों को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा मिलेगी।
देवघर में हेल्थ कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा।
जागरण संवाददाता, देवघर। श्रावणी मेला के शुरू होने में महज कुछ ही हफ्ते शेष रह गए हैं। ऐसे में तमाम विभागों की ओर से की जा रही तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। लंबी और थकान भरी कांवर यात्रा के दौरान शिव भक्तों को कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ता है। खासकर शारीरिक परेशानी।
कांवरियों को स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी किसी तरह की परेशानी ना हो। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग की तैयारी अहम रहती है। विभाग की ओर से बेहतर स्वास्थ्य मुहैया कराने को लेकर कुल 16 तरह के कोषांगों का गठन किया।
एचआर कोषांग
श्रावणी मेला के दौरान राज्य सहित जिला स्तर से प्रतिनियुक्ति चिकित्सा पदाधिकारी व पारा मेडिकल कर्मियों के योगदान सहित उनके कार्यों का वितरण करने की जिम्मेवारी सीएस कार्यालय के प्रभारी प्रधान लिपिक अरुण चौधरी, लिपिक सौमित चक्रवर्ती, तरुण तिवारी, कुमार अभिषेक व एफएलए रवि कुमार सिन्हा को सौंपा गया है।
आवासन कोषांग
श्रावणी मेला के दौरान राज्य स्तर से प्रतिनियुक्ति चिकित्सा पदाधिकारी व पारा मेडिकल कर्मियों के लिए आवासन से संबंधित व्यवस्था करने की जिम्मेदारी आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डा. राजीव कुमार, राज तिवारी, संदीप कुमार, शैलेश कुमार, रोशन कुमार, राजकिशोर ठाकुर व शशि कुमार को सौंपा गया है।
वाहन कोषांग
मेला के दौरान राज्य व जिला से प्रतिनियुक्त एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों की व्यवस्था के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीरज कुमार भगत, ऋषिराज भास्कर, रवि कुमार सिन्हा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डिजास्टर कोषांग
मेला के दौरान किसी भी तरह की स्वास्थ्य आपातकालीन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं के लिए जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, डॉ. चितरंजन कुमार पंकज, डॉ. अम्बरीश ठाकुर, डॉ. प्रभात रंजन, डॉ. रविजीत प्रकाश व लिपिक प्रमोद सोरेन को जिम्मेदारी दी गई है।
पुराना सदर अस्पताल
मेला के दौरान पुराना सदर अस्पताल में चिकित्सा से संबंधित व्यवस्था को लेकर रक्त अधिकोष के प्रभारी डॉ. विधु विबोध, लिपिक सुदेश कुमार व विरेंद्र कुमार सुमन को सौंपी गई है।
नया सदर अस्पताल
मेला के दौरान कांवड़ियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने को लेकर उपाधीक्षक डा. सुषमा वर्मा, लिपिक अनिमेष कुमार घोष, लिपिक प्रमोद सोरेन, फार्मासिस्ट संजीव मिश्रा व मो. मुज्जफरूल हक को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कंप्यूटर कोषांग
मेला के दौरान चिकित्सा से संबंधित पत्राचार व अभिलेखों का संधारण करने की जिम्मेदारी कंप्यूटर ऑपरेटर कांग्रेस मंडल, राजीव रंजन व अभिषेक कुमार लाल को सौंपी गई है।
रिपोर्ट कोषांग
मेला अवधि के दौरान दैनिक सहित अन्य संबंधित प्रतिवेदन को लेकर डीडीएम पोखराज कुमार, कुमार शुभम व सौरभ कुमार राव जिम्मेदारी सौंपा गया है।
पर्यवेक्षक कोषांग
मेला के दौरान जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार यादव, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. संचयन , प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विश्वनाथ चौधरी व डॉ. श्याम सुंदर सिंह सहित चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सिंह आलोक कुमार विनोद कुमार को विभाग की ओर से संचालित स्वास्थ्य शिविरों में पर्यवेक्षक के रूप में दायित्व सौंपा गया है।
सोमवार की विशेष व्यवस्था
श्रावणी मेला के दौरान प्रत्येक सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। इसको लेकर रविवार शाम से लेकर सोमवार तक विशेष व्यवस्था करने के लिए डॉ. श्याम सुंदर सिंह को दुम्मा बॉर्डर से खिजुरिया तक, डॉ. विश्वनाथ चौधरी को बीएड कॉलेज, बाबा मंदिर, कुमैठा स्टेडियम तक के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लॉजिस्टिक व दवा आपूर्ति कोषांग
मेला क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य शिविरा में दवा आदि का वितरण करने की जिम्मेवारी डा. सिंह आलोक कुमार, गणेश पुजहर, तरुण तिवारी, अभिषेक कुमार साह व प्रशांत कुमार मालवीय को सौंपा गया है।
आइईसी प्रचार कोषांग
मेला अवधि के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधा से संबंधित आइईसी लगवाने की जिम्मेवारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीरज कुमार भगत व डीपीसी प्रवीण कुमार सिंह को सौंपी गई है।
आईएमसीआर
मेला के दौरान उपायुक्त स्तर पर निर्धारित स्थल पर लिपिक विकास कुमार अकेला, अविनाश कुमार, हर्ष कुमार, मो. आशिफ हुसैन, आयुष वर्मा व शशि कुमार की ड्यूटी तय की गई है।
स्वच्छता
जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. मनीष शेखर झा को पूरे मेला क्षेत्र संचालित स्वास्थ्य शिविर व केंद्रों की साफ-सफाई की व्यवस्था करने की जिम्मेवारी सौंपी गई है।
लाइजनिंग ऑफिसर
आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिग्विजय भारद्वाज को मेला के दौरान जिला प्रशासन सहित अन्य संबंधित विभागों से समन्वय बनाने को लेकर लाइजनिंग ऑफिसर के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कंट्रोल रूम
मेला के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी की सूचना को लेकर कंट्रोल रूम 24 घंटे सातों दिन के तर्ज पर काम करेगा। इस दौरान किसी भी तरह की दिक्कत के बारे में मेला प्रभारी को सूचना देने की जिम्मेवारी कृष्ण कन्हैया व राजेश कुमार को सौंपी गई है।
