जागरण संवाददाता, देवघर। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि देवघर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आध्यात्मिक पर्यटक स्थल बनाया जाएगा ताकि यहां आनेवाले तीर्थयात्री आराधना के साथ प्राकृतिक छंटा का भी आनंद ले सकें। देवघर, बासुकीनाथ से मलूटी तक एक धार्मिक सर्किट बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। श्रद्धालु देवतुल्य होते हैं। यहां के प्रत्येक व्यक्ति को मेला में इनकी सेवा का संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने रविवार को झारखंड के प्रवेश द्वार दुम्मा में हर-हर महादेव के जयघोष के बीच विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने बाबा बैद्यनाथ की विधिविधान से पूजा-अर्चना की। समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां विश्व का सबसे बड़ा मेला लगता है। इसे और बेहतर बनाएंगे। कांवरियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसका पूरा ख्याल सरकार रख रही है।

सात साल तक कांवरिया बनकर आया:

उन्होंने सुल्तानगंज से बाबाधाम के बीच कांवरयात्रा की चर्चा की। कहा कि उन्होंने 1985 से 1992 तक कांवरिया बनकर महादेव को जलार्पण किया। बाबा की कृपा से ही राज्य का सेवक बनने का अवसर मिला। इसलिए सत्ता को सेवा का साधन बनाया, भोग का साधन नहीं। राज्य की सवा तीन करोड़ जनता की सेवा कर उनकी आकांक्षाओं पर खड़ा उतरना चाहता हूं।

सीएम ने कहा कि कांवर यात्रा सामाजिक एकता व समरसता को दर्शाता है। रास्ते में कोई जात-पात नहीं होता। लोग एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। 105 किमी की यात्रा यह संदेश देती है कि सभी भारत माता की संतान हैं। समारोह में सांसद निशिकांत दुबे, नगर विकास मंत्री सीपी ¨सह, कृषि मंत्री रणधीर ¨सह, श्रममंत्री राज पलिवार आदि थे।

स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर विकसित होगा बाबा मंदिर कॉम्पलेक्स

श्रावणी महोत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते नगर विकास के प्रधान सचिव अरुण कुमार ¨सह ने कहा कि अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर बाबा मंदिर कॉम्पलेक्स के चारों ओर की संरचना को आकर्षक बनाया जाएगा। दो पार्क की स्वीकृति हो चुकी है। बाबा मंदिर समेत शहर के विकास की खाका अमृत योजना से तैयार है। देवघर में पेयजल संकट दूर हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुनासी जलाशय योजना से शहर में जलापूर्ति का आदेश दे दिया है।

पांच हजार जवान तैनात:

टेंट सिटी की जहां सुविधा दी जा रही है वहीं क्यू कॉम्पलेक्स से लंबी कतार छोटी होगी। सुरक्षा में पांच हजार सुरक्षा बल एवं पदाधिकारी, एक हजार मैजिस्ट्रेट को प्रतिनियुक्त किया गया है। एनडीआरएफ, एनएसएस, एनसीसी, सिविल डिफेंस सेवा कार्य में हैं। सीसीटीवी, ड्रोन कैमरा से मेला पर नजर रखा जा रहा है।

गुरु पूर्णिमा पर 75 हजार शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक:

श्रावणी मेला शुरू होने से ठीक एक दिन पूर्व आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को बासुकीनाथ में शिवभक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। मंदिर से लेकर पूरा मेला क्षेत्र कांवरियों व श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरी रही। गुरु पूर्णिमा पर देर शाम तक करीब 75 हजार शिवभक्तों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।

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Posted By: Sachin Mishra

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