देवघर : पेयजल संकट से जूझ रही देवघर नगर निगम क्षेत्र की जनता को राहत देने की पहल तेज कर दी गई है। बुधवार को नगर निगम के सीईओ अशोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में पेयजल संकट के निदान को लेकर आहूत बैठक में उन तमाम बिदुओं की समीक्षा कर कई अहम निर्णय लिए गए। ताकि शहरी क्षेत्र की आबादी को राहत मिल सके। प्रयास इस दिशा में करने का निर्णय लिया गया कि आने वाले 15 दिनों में दो दिनों पर एक दिन पानी की व्यवस्था बहाल हो सके। खासतौर पर अजय नदी में कराए गए 40 बोरिग की फ्लसिग अलग 10 दिनों में करने का प्रस्ताव लिया गया। अजय नदी में फिलहाल 27 बोरिग निष्क्रिय हैं जबकि 13 बोरिग क्रियाशील है। तय किया गया कि पहले चरण में 27 निष्क्रिय बोरिग की फ्लसिग का काम किया जाएगा। फिर क्रियाशील 13 बोरिग की भी फ्लसिग कराई जाएगी। इसके लिए समर सेबुल पंप समेत तमाम संसाधनों को जुटाकर 10 दिनों में फ्लसिग का कार्य पूरा करा लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त डढ़वा नदी में बनाए गए इंटेक वेल की सफाई कर इनकी क्षमता को भी दुरुस्त किया जाएगा। डढ़वा नदी में निर्मित पांच नए कूपों में आ रही समस्या को दूर करने को लेकर भी गंभीरता से चर्चा की गई। यह भी तय किया गया कि पेयजल संकट के निदान के लिए सिर्फ ठेकेदार के भरोसे निर्भर रहने के बजाए बाहर से भी इंजीनियर और बिजली मिस्त्री बुलाकर समस्याओं का निष्पादन त्वरित गति से कराया जाएगा। बैठक में शहरी पेयजलापूर्ति योजना में लिकेज को भी इमरजेंसी व्यवस्था के तहत दुरुस्त करने की रणनीति तैयार की गई ताकि आमजन को बेहतर तरीके से पानी मुहैया हो सके। इसके लिए गंभीर रुप से जल संकट का सामना कर रहे क्षेत्र की जनता को पेयजल मुहैया कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत देवघर में 20 टैंकर से तकरीबन 40 से 50 स्थानों पर पेयजलापूर्ति कराने की व्यवस्था को बहाल रखे जाने का भी निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था जसीडीह में भी 10 टैंकरों के माध्यम से बहाल है। बैठक में सीईओ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि देवघर में पेयजल संकट से जूझ रही जनता को राहत मिले इसके लिए पूरा तंत्र मुस्तैदी से काम करें और समस्याओं के निदान की दिशा में गंभीरता से पहल करें। बैठक मेयर के प्रतिनिधि मंटू नरोनी, दोनों कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता समेत नगर निगम कर्मी मौजूद थे।

Posted By: Jagran