जागरण संवाददाता, देवघर : महीने भर चलने वाले श्रावणी मेला में बिजली व्यवस्था दुरूस्त रहे इसके लिए विभाग ने 407 मजदूरों को दैनिक पारिश्रमिक पर काम पर रखा था। निरंतर एक माह तक अपनी हाड़तोड़ सेवा देने वाले इन श्रमिकों को विभाग ने तीन माह बीत जाने के बाद भी उनके पारिश्रमिक भुगतान नहीं किया। लगातार विभाग द्वारा टालमटोल किए जाने से शनिवार को इन मजदूरों का सब्र जवाब दे गया। तकरीबन सौ की संख्या में एसडीओ कार्यालय पहुंचे इन श्रमिकों ने कार्यालय अंदर मौजूद एसडीओ समेत कर्मियों को बंधक बनाते हुए बाहर से ताला मार दिया। ये अधिकारी व कर्मी तकरीबन चार घंटे तक कार्यालय में बंधक बने रहे। इसकी जानकारी के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो ताला खुलवाकर बंधक बने सभी को मुक्त कराया।

मजदूरों का आरोप है कि इस बार दुर्गापूजा पर भी भुगतान नहीं हुआ। पूजा में बैंक भी बंद रहेगा यदि खाते में रुपये भेज भी दिया तो उसकी निकासी कैसे होगी। शनिवार को भुगतान हो जाता तो बात बनती। मजदूरों के तेवर देख एसडीओ राजकमल ने वार्ता कर कहा कि वरीय अधिकारी से बात हुई है। बावजूद दो दिन की मोहलत दें। यह सुन प्रदर्शनकारियों ने आफिस की खिड़की पीटनी शुरू कर दी। इससे उसका शीशा टूट गया। एसडीओ ने कहा कि वार्ता के दौरान किसी मजदूर ने खिड़की को धक्का देकर नुकसान पहुंचाया है तब नगर थाने को बुलाया। इसके बाद पुलिस ने मजदूरों को शांत कराया। इस मामले में प्राथमिकी कराएंगे। भुगतान पर उनका कहना था कि वरीय अधिकारी का आदेश मिलते ही भुगतान करेंगे।

एसडीओ आफिस के पिछले दरवाजे से निकलकर यूनिट टू कक्ष में जाकर बैठ गए। जब यह जानकारी प्रदर्शनकारियों को मिली तो वह उस कमरे में भी पहुंच गए। उसे भी बाहर से बंद कर दिया। वार्ता के समय उनको बाहर आने दिया गया। वार्ता के बाद जब एसडीओ आफिस के अंदर गए तो फिर ताला लगा दिया। पुलिस ने पहुंचकर स्थिति संभाली।

Edited By: Gautam Ojha

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