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देवघर में अंतरराज्यीय ज्वेलरी लूटकांड के सरगना की हत्या, किसने मारा? जांच में जुटी पुलिस

Published: Tue, 15 Sep 2026 02:10 PM (IST)

Deoghar News: संताल परगना का मोस्ट वांटेड अपराधी अनिल सिंह देवघर में मृत पाया गया, जिसकी गोली मारकर हत्या की ...और पढ़ें

कुख्यात अपराधी अनिल सिंह का देवघर में मिला शव। (फोटो साैजन्य)

कुख्यात अपराधी अनिल सिंह का देवघर में मिला शव। (फोटो साैजन्य)

HighLights

  1. संताल परगना का मोस्ट वांटेड अपराधी अनिल सिंह मृत मिला।

  2. देवघर के सारवां थाना क्षेत्र में गोली मारकर हत्या हुई।

  3. पुलिस आधार कार्ड, बाइक से पहचान कर जांच में जुटी।

जागरण टीम, देवघर। झारखंड के संताल परगना का मोस्ट वांटेड अपराधी अनिल सिंह मारा गया। देवघर के सारवां थाना क्षेत्र के लखोरिया पंचायत अंतर्गत देवपहरी गांव के पास पहाड़ी से बरामद अज्ञात युवक का शव अनिल सिंह का निकला। हालांकि अनिल सिंह को गोली मार किसने हत्या की, यह सवाल पुलिस के लिए जांच का विषय है। 

पुलिस ने उसकी जेब से मिले आधार कार्ड और बाइक के आधार पर उसकी पहचान की। इसके अलावा उसके एक हाथ पर बना टैटू भी पहचान में अहम कड़ी साबित हुआ।

मृतक का चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे शुरुआती दौर में उसकी पहचान करने में पुलिस को परेशानी हुई। बाद में उसकी बहन ने भी शव की पहचान अनिल सिंह के रूप में की। अनिल सिंह देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के सिरसा गांव का रहने वाला था।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए दुमका मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। चेहरा कुचले होने के कारण पहचान को लेकर किसी तरह की आशंका न रहे, इसके लिए देवघर पुलिस शव का डीएनए सैंपल भी सुरक्षित रखेगी और जांच के लिए भेजेगी। अनिल सिंह के खिलाफ संताल परगना के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। वह पुलिस की तलाश में था।

मृतक का शव झाड़ियों के बीच से बरामद किया गया था। वहीं शव को देखने से लग रहा है कि उसकी हत्या दो-तीन पहले की गयी। क्योंकि शव से काफी बदबू आ रही थी। तलाशी के दौरान मृतक के पास से पुलिस ने छह गोली भी बरामद किया है।

वहीं शव से करीब सौ मीटर की दूरी पर एक सफेद रंग का टीवीएच अपाचे बाइक भी बरामद किया गया था। इसी बाइक का इस्तेमाल अनिल सिंह करता था। बाइक उसकी मां उमा सिंह के नाम से पंजीकृत है। हालांकि अनिल सिंह की मौत कैसे हुई ? उसकी हत्या किसने और क्यों की? अभी रहस्य बना हुआ है।

वह पहाड़ी के बीच जंगल झाड़ी में क्या कर रहा था? उसके साथ कोई और था या नहीं ? यह भी पुलिस के लिए जांच का विषय है। पुलिस इस घटना से जुड़े सभी बिंदुओं की गहन जांच कर रही है।

कहा जा रहा है कि वह कुछ दिनों से इसी पहाड़ी की झाड़ियों में छुपकर रह रहा था। वहीं यहीं पर रात में भी सोया करता था। देवघर व गोड्डा पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। वह पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। इसी क्रम में पुलिस ने उसका शव बरामद किया। 

गोली चलाना अनिल के लिए था बच्चों का खेल 

गोली चलाना अनिल सिंह के लिए बच्चों का खेल था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर देवघर के सारवां, सोनारायठाढ़ी, मोहनपुर, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड के अमड़ापाड़ा, बोकारो, दुमका यहां तक की बंगाल के कई इलाकों में लूट, डकैती की घटनाओं को अंजाम दे चुका था।

झारखंड के कई जिलों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। बंगाल पुलिस को भी उसकी तलाश थी। उसने देवघर और सीमावर्ती बिहार के बांका जिला के बौंसी थाना क्षेत्र के अपराधियों के साथ मिलकर एक बड़ा गिरोह तैयार किया था। ये गिरोह मूल रूप से ज्वेलर्स की दुकान में लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता था।

अधिकांश घटनाओं में अनिल अपनी टीम को खुद लीड करता था। उसे जरूरत पड़ने पर गोली चलाने में जरा भी झिझक नहीं होता था। अपने ग्रुप का वह सबसे काबिल शूटर था। वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। उसे 2023 में देवघर के मोहनपुर थाना की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

उस वक्त उसका बाइक भी जब्त किया गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया। पुलिस को उसकी बेसब्री से तलाश थी। उसकी मौत से पुलिस ने काफी राहत की सांस ली है। उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।

कुख्यात अपराधी अनिल सिंह के मारे जाने की पुष्टि की जा रही है। उसके पास से आधार कार्ड बरामद किया गया है। उसपर उसका नाम है। वहीं उसकी बाइक भी मिली है। हालांकि उसका चेहरा बुरी तरह से कुचला हुआ है आर उसकी पहचान करने में परेशानी हुई, इस कारण उसका डीएनए का सैंपल लिया जाएगा। डीएनए जांच करायी जाएगी ताकि किसी तरह का कोई शक न रह जाए।

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प्रवीण पुष्कर, एसपी देवघर