BRICS सम्मेलन में देवघर के उद्योगपति ने बढ़ाया मान, PM मोदी ने कंपनी के फिनटेक नवाचार पर 15 मिनट तक की चर्चा
देवघर के युवा उद्योगपति गौरव कुमार ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी कंपनी यूबी समूह के ...और पढ़ें

पीएम मोदी से चर्चा करते उद्योगपति गौरव कुमार। फोटो जागरण
HighLights
गौरव कुमार ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में पीएम मोदी को जानकारी दी।
यूबी समूह एआई-आधारित वित्तीय समाधानों पर काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने यूबी के बूथ पर 15 मिनट का समय बिताया।
जागरण संवाददाता, देवघर। देवघर के युवा उद्योगपति गौरव कुमार ने अपने कार्य से देवघर सहित पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। गौरव कुमार कंपनी यूबी समूह के संस्थापक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।
पिछले दिनों आठ से 11 सितंबर के बीच मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का आयोजन किया गया था। इसका उदघाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था।
यहां पर लगाया गए यूबी के बूथ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहुंचे। प्रधानमंत्री को गौरव कुमार ने यूबी कंपनी के कामकाज, तकनीकी पहलू, वित्तीय समाधान, देश के कोने-कोने तक ऋण की सुविधा पहुंचाने के ढांचे व कंपनी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने करीब 15 मिनट तक गौरव की बातों को गौर से सुना।
एआई मॉडल पर काम कर रही कंपनी
जानकारी हो कि 300 से अधिक फिनटेक कंपनियों के बीच प्रधानमंत्री द्वारा देखे गए आठ बूथों में यूबी भी शामिल था। इस दौरान एआइ आधारित वित्तीय ढांचे और वित्तीय समावेशन के बारे में जानकारी दी गयी।
गौरव कुमार का कहना है कि यूबी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) आधारित ऐसा वित्तीय ढांचा विकसित कर रहा है, जो व्यापक आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऋण की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने में सहायक हो।
उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ साझा किया कि समूह किस प्रकार तकनीक के माध्यम से पूंजी तक पहुंच बढ़ाने और उद्यमों को वित्तीय अवसरों से जोड़ने के लिए काम कर रहा है।
वैश्विक स्तर तक पहुंचने का सोच
कंपनी ने इस दृष्टिकोण को भारत में विकसित समाधानों को वैश्विक स्तर तक ले जाने की अपनी आकांक्षा से भी जोड़ा है। गौरव कुमार ने प्रधानमंत्री के समक्ष यूबी के उद्देश्य, उत्पादों और लाखों लोगों के लिए किए जा रहे कार्यों को प्रस्तुत करने के अवसर पर सम्मान और आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के हर हिस्से तक ऋण की पहुंच सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण में अपनी भूमिका निभाना समूह के लिए गर्व का विषय है। उनके अनुसार जब ऋण का प्रवाह सहज होता है, तो कारोबार को बढ़ने और समुदायों को समृद्ध होने के अवसर मिलते हैं।
अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने का उद्येश्य
यूबी ने वित्तीय समावेशन को अपने कामकाज का मूल आधार बताया है। समूह का मानना है कि वित्तीय सेवाओं तक पहुंच किसी विशेष योजना या सीमित वर्ग तक सिमटी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, बल्कि देश की वित्तीय प्रणाली का स्वाभाविक हिस्सा बननी चाहिए। इसी सोच के साथ कंपनी तकनीक के जरिए ऋण तक पहुंच को अधिक व्यापक बनाने पर बल दे रही है।
जानकारी हो कि गौरव कुमार ने वर्ष 2020 में यूबी की स्थापना की थी। मिली जानकारी के मुताबिक समूह वित्तीय सेवाओं के लिए एआइ आधारित तकनीकी व्यवस्था विकसित करता है और भारत के संस्थागत ऋण बाजार में तकनीक के उपयोग से पूंजी की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य पर काम कर रहा है।
इसका प्रयास उद्यमों, निवेशकों और ऋणदाताओं के बीच जुड़ाव को सुगम बनाना है, ताकि वित्त जुटाने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके। कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, यूबी के माध्यम से 3.2 लाख करोड़ से अधिक के ऋण लेनदेन सुगम हुए हैं।
इसके नेटवर्क से 17,000 से अधिक उद्यम और 6,200 से अधिक निवेशक तथा ऋणदाता जुड़े हैं। ये आंकड़े समूह के मंच के माध्यम से सुगम किए गए लेनदेन और उससे जुड़े संस्थानों को दर्शाते हैं।
वित्तीय साधन किये जा रहे विकसित
कंपनी के मुताबिक, उसका काम ऋण की उपलब्धता के साथ-साथ ऋण वसूली की लागत घटाने और वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक कुशल बनाने तक फैला है।
ऋण एवं फिनटेक क्षेत्र में लगभग दो दशकों का अनुभव रखने वाले गौरव कुमार ने अपने उद्यमशील सफर में वित्तीय व्यवस्था की विभिन्न जरूरतों के लिए तकनीकी और वित्तीय समाधान विकसित किए हैं।
उनके कार्यों में माइक्रो फाइनेंस के लिए परिसंपत्ति-समर्थित प्रतिभूतिकरण तथा दस से अधिक संरचित वित्तीय उत्पादों का विस्तार शामिल है। प्रतिभूतिकरण जैसी व्यवस्थाएं ऋण परिसंपत्तियों को निवेश योग्य साधनों से जोड़ने का माध्यम बनती हैं।
गौरव कुमार भारत और यूरोप की फिनटेक तथा उपभोक्ता प्रौद्योगिकी कंपनियों के सलाहकार मंडलों से भी जुड़े हैं, जहां वह डिजिटल नवाचार और व्यवसाय विकास पर मार्गदर्शन देते हैं। उपलब्ध परिचय के अनुसार, वह वर्ष 2021–22 में वित्तीय समावेशन एवं फिनटेक की राष्ट्रीय समिति के सदस्य भी रहे हैं।
देवघर के रहने वाले हैं गौरव
गौरव मूल रूप से देवघर के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी दसवीं तक की शिक्षा देवघर के संत फ्रांसिस स्कूल से ग्रहण की है। उनके पिता डा. सुधीर कुमार पेशे से डाक्टर हैं। उनके पिता व परिवार के अन्य सदस्य देवघर जिला के ही रहने वाले हैं। गौरव का देवघर से शुरु से काफी लगाव रहा है।
