जागरण संवाददाता, देवघर : देवघर-दुमका एनएच 114 पर लगने वाली महाजाम की वजह भले ही सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे और सड़क से ज्यादा ऊपर बनाया गया फ्लैंक हो, लेकिन इसकी दूसरी बड़ी वजह इस पथ पर मालवाहक वाहनों की जांच के नाम होने वाली वसूली भी बन रही है। दरअसल देवघर-दुमका मुख्य पथ की कनेक्टिविटी बिहार और पश्चिम बंगाल तक है। यह सड़क एक ओर जहां बिहार से झारखंड को जोड़ती है तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करती है। साहिबगंज-गोविदपुर सड़क से भी यह कनेक्ट है। सो, चौतरफा कनेक्टिविटी के कारण इस पथ पर मालवाहक वाहनों का दबाव अत्यधिक है।

इस पथ पर बिहार के लिए चिप्स, बालू और कोयला लदे ट्रक भी बड़ी संख्या में गुजरते हैं। सो, इस पथ पर स्थित हरेक थाना क्षेत्र, पुलिस पोस्ट एवं अन्य जांच एजेंसियों के द्वारा जांच की परंपरा स्थापित है। जांच के नाम पर घंटों तक वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा कर दिया जाता है और इनसे वसूली का धंधा बखूबी होता है। चूंकि देवघर-दुमका पथ अभी सात मीटर से ज्यादा चौड़ी नहीं है इसकी वजह से वाहनों को खड़ा करते ही लंबी कतार लग जाती है और देखते ही देखते जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। अवैध जांच व कारोबार के मसले पर अभी हाल ही में दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में जब्त किये वाहनों के भाग जाने का मामला गर्म है। इस मामले में सत्ताधारी दल झामुमो की जामा विधायक सीता सोरेन और दुमका के उपायुक्त राजेश्वरी बी आमने-सामने हैं।

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देवघर से दुमका के बीच पड़ने वाले थाना व पोस्ट

चोपामोड़ पोस्ट, नारगंज पोस्ट, तालझारी पोस्ट, तालझारी थाना, जरमुंडी थाना, जामा थाना, दुमका मुफस्सिल व टाउन थाना के अलावा मोबाइल एवं अन्य जांच एजेसियां।

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भूरभूरी पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण भी इस पथ पर दबाव

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दुमका से भागलपुर जाने वाली सड़क पर महारो के निकट पड़ने वाला भूरभूरी पुल के क्षतिग्रस्त होने और इस पथ से मालवाहक वाहनों का आवागमन बाधित होने के कारण देवघर-दुमका मुख्य पथ पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है।

अभी भागलपुर जाने वाली गाड़ियां बासुकीनाथ तक इस पथ से गुजरती हैं और वहां से मुड़कर नोनीहाट में निकलती हैं। कुछ वाहन चोपमोड़ से मुड़कर हंसडीहा और फिर वहां से गोड्डा और भागलपुर जाती हैं। इस वजह से भी इस पथ पर जाम लग रहा है।

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श्रावणी मेला लगता तो और होती फजीहत

अगर इस वर्ष लॉकडाउन नहीं होता और श्रावणी मेला लगता तो फजीहत और ज्यादा होती। खैरियत है कि इस वर्ष लॉकडाउन के कारण न तो यात्री बसें चल रही हैं और ना ही देश के कोने-कोने से कांवरियों को आना हो रहा है। श्रावणी मेला के दौरान इस पथ पर हजारों की संख्या में प्रतिदिन यात्री वाहनों का परिचालन होता है। जाहिर अगर ऐसा होता तो इस पथ पर यात्रा करना काफी मुश्किल हो सकता था।

Posted By: Jagran

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