मधुपुर (देवघर) : मधुपुर अनुमंडल मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में व्याप्त जल संकट के समाधान को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने मोहनपुर ग्राम स्थित पतरो नदी के समीप फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने नदी में बने कुएं का जायजा लिया। कुएं में भरे हुए बालू की सफाई 24 घंटे के अंदर करने का निर्देश पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविद कुमार मुर्मू को दिया। कहा कि व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए नियमित रुप से शहरी क्षेत्र में पानी की सप्लाई सुनिश्चित करें। किसी भी तरह का शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। कहा कि पेयजल संकट का समाधान हरहाल में किया जाए। इस दौरान उन्होंने फिल्टर प्लांट के पंप व संप के संदर्भ में भी विभागीय अभियंता से जानकारी ली। कहा कि नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अमित कुमार इस कार्य में विभाग को हरसंभव सहयोग करेंगे। बावजूद इसके अगर पानी सप्लाई में लापरवाही बरती गई तो अच्छा नहीं होगा। उन्होंने पीएचइडी विभाग के पदाधिकारियों एवं नगर परिषद के पदाधिकारियों को तमाम चापाकल को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। बताया कि 64 करोड़ की लागत से मधुपुर शहरी पेयजल आपूíत योजना का कार्य चल रहा है। समय अवधि के अंदर कार्य पूर्ण हो इसका ध्यान अधिकारी रखेंगे। जलापूíत कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि शहरी जलापूíत योजना धरातल पर 2020 तक उतर जाने के बाद मधुपुर के शहरवासियों को जल संकट से स्थाई रूप से निजात मिल जाएगा। मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी योगेंद्र प्रसाद, पीएचडी सहायक अभियंता नवीन भगत, कनीय अभियंता राकेश उपाध्याय, नगर परिषद कनीय अभियंता दिलीप कुमार, ठेकेदार सुनील कुमार राय, मनोहर कुमार दास मौजूद थे। युद्ध स्तर पर चापाकलों को किया जा रहा दुरुस्त

इधर, नगर परिषद उपाध्यक्ष मोहम्मद जियाउल हक कहा कि नगर परिषद शहरी क्षेत्र में पेयजल संकट को दूर करने की दिशा में प्रयासरत है। युद्ध स्तर पर खराब पड़े तमाम चापाकल को बनाने का कार्य किया जा रहा है। प्रतिदिन सात चापाकल की मरम्मत की जा रही है। वर्तमान में 400 में 80 फीसद चापाकल को चालू कर दिया गया है।

Posted By: Jagran