संवाद सूत्र, देवघर: जमीन विवाद में हुए छोटू तुरी हत्याकांड में अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस तथा गवाहों के बयान को सुनने के बाद जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने सुनील कुमार दास उर्फ लफ्फू दास, कल्लू कुमार साह उर्फ कल्लू साह उर्फ कारू साह, वीरू कुमार राउत उर्फ वीरू राउत, प्रियांशु शेखर उर्फ रोशन राउत उर्फ कुंदन कुमार को दोषी करार दिया है। जबकि मामले में शामिल दो अन्य आरोपित संतोष राउत और आजाद कुमार चौहान को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में रिहा किया गया। सात दिसंबर को सजा के बिदु पर सुनवाई की आखिरी सुनवाई होगी। घटना के सूचक मृतक का छोटा भाई मदन तुरी ने आरोपितों के खिलाफ जमीन विवाद में बड़े भाई की हत्या कर देने का आरोप लगाते हुए कुंडा थाना में वर्ष 2000 में मामला दायर किया था। दायर मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 19 की गवाही हुई। यह मामला सत्र वाद संख्या 104 / 2020 के तहत चली। आरोपितों के खिलाफ 29 जनवरी 2021 को आरोप गठन किया गया। यह घटना तीन जून 2020 की है। जब थाना क्षेत्र के ठाढ़ी दुलमपुर के निर्माणाधीन मकान में घुसकर छोटू तुरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक आनन्द कुमार चौबे व बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजकुमार शर्मा समेत कई अन्य ने पैरवी किया था। सूचक की ओर से अधिवक्ता राजकुमार शर्मा तथा बचाव पक्ष की ओर से इशहाक अंसारी, अमर कुमार सिंह, अशोक कुमार राय, व प्रीतम कुमार आनन्द ने भाग लिया था।

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