अजय परिहस्त, देवघर

देवघर के शिवगंगा घाट के निकट स्थित मुक्तिधाम में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की मांग एक बार फिर से तेज हुई है। शव के अंतिम संस्कार के लिए आनेवाले लोगों का कहना है कि मुक्तिधाम में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। आमजनों का कहना है कि मुक्तिधाम में कोरोना से संक्रमित मरीजों का भी दाह-संस्कार कराया जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि इस इलाके में साफ-सफाई के अलावा पर्याप्त रोशनी व अन्य व्यवस्थाओं को मुकम्मल किया जाए।

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कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार को लेकर कई भ्रांतियां

मुक्तिधाम में आनेवाले कोरोना संक्रमितों के दाह संस्कार को लेकर भी यहां के लोगों के बीच कई तरह की भ्रांतियां हैं। इस क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों को इस बात से दहशत है कि यहां दाह-संस्कार कराए जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसकी वजह से ये लोग डरे-सहमे हुए हैं और सरकार से पूरे इलाके को सैनिटाइज्ड कराने की मांग भी कर रहे हैं।

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डब्ल्यूएचओ के मुताबिक शव से नहीं फैलता कोरोना का संक्रमण

कोरोना का संक्रमण कोरोना संक्रमित शव से नहीं फैलता है। कोरोना संक्रमण एक-दूसरे के संक्रमण में आने से फैलता है। कोरोना संक्रमित के शव से संक्रमण नहीं फैलता, यह इस बात की पुष्टि विश्व स्वास्थ्य संगठन कर चुका है। स्वास्थ्य रिपोर्टों के मुताबिक मानव का शव वायरस कैरियर नहीं है। विशेषज्ञों की राय में वायरस एक कोशिश से सिस्टम पर कब्जा करने के बाद बॉयोमॉलिक्यूल्स यानि जैविक अणु प्रोड्यूस करवाता है और आखिर में वह कोशिश खुद फट जाता है और वायरस के तत्व फैल जाते हैं। खास बात यह कि किसी वायरस को फैलाने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है जो मृत शरीर में नहीं होती। इससे यह मानना गलत होगा कि इंसान की मृत्यु होने के बाद उसके

शरीर से वायरस फैलता है। यह जरूर है क मरने के बाद इंसान के शरीर के तरल पदार्थ जैसे खून, सलाइवा, बलगम में वायरस हो सकता है। यही कारण है कि अंतिम संस्कार को लेकर दिशा-निर्देश तय किया गया है।

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अंतिम संस्कार से नष्ट हो जाता है वायरस

विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद जितनी जल्दी हो सके उसके शव का अंतिम संस्कार कर देना चाहिए। दाह-संस्कार के दौरान चिता का तापमान 1000 डिग्री सेल्यिस के आसपास होता है जिससे वायरस नष्ट हो जाते हैं।

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वर्जन

कोरोना संक्रमण का भय चौतरफा है। मुक्तिधाम में कोरोना संक्रमित शव का भी दाह संस्कार कराया जा रहा है। इस सूरत में यह जरूरी है कि इस इलाके को प्रतिदिन सैनिटाइज्ड किया जाए। शव से नहीं लेकिन उसके साथ आनेवाले लोगों से संक्रमण का खतरा हो सकता है।

जयदेव मिश्र, देवघर

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जागरूकता नहीं रहने के कारण शव जलाने के समय श्मशान घाट के अलावा लकड़ी लेने के लिए दुकान पर आते हैं । चाय की दुकान पर जाते हैं और शिव गंगा में स्नान भी करते हैं। ऐसी स्थिति में संक्रमण का भय रहता है। जिला प्रशासन और नगर निगम यहां पर मुकम्मल सुरक्षा व्यवस्था बहाल करे।

राजेश सरेवार, देवघर

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मुक्तिधाम में बेझिझक व बेरोकटोक लोग दाह संस्कार कराने आते हैं। मगर स्थानीय आसपास रहने वाले लोगों में इसकी वजह से दहशत है। अंतिम संस्कार कराने आने वाले लोगों से भी संक्रमण फैलने की गुंजाइश रहती है। इसलिए जरूरी है कि इलाके को प्रतिदिन सैनिटाइज्ड कराया जाए।

सदाशिव सरेवार, देवघर

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मुक्तिधाम से लेकर शिव गंगा तट पर लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। ऐसी स्थिति में ना तो जिला प्रशासन और ना नगर निगम का ध्यान है। इस इलाके में साफ-सफाई व अन्य बुनियादी सुविधा अविलंब बहाल कराए जाने की आवश्यकता है।

गोविद श्रृंगारी, देवघर

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