संवाद सूत्र, देवघर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से गुरुवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय रोहिणी में अधिवक्ता सह रिसोर्स पर्सन सत्य नारायण पांडेय ने लीगल लिटरेसी क्लब की 25 सदस्यीय समूह को बाल विवाह, घरेलू ¨हसा तथा दहेज प्रताड़ना सहित कई कानून से संबंधित बातों की जानकारी छात्राओं को दी।

उन्होंने कहा कि वाल विवाह व दहेज प्रथा समाज के लिए सबसे बड़े कलंक हैं। इसे मिटाए बिना एक अच्छे समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की तथा 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की अपराध है। इसमें लिप्त माता पिता, संस्था या ऐसे व्यक्ति जो उस अनुष्ठान में सम्मिलित होते हैं, उन्हें धारा 9, 10 व 11के तहत दो वर्ष का कारावास एवं एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई जा सकती है। मौके पर विद्यालय की वार्डन वंदना पाठक व शिक्षिका अर्चना कुमारी समेत स्कूली छात्राएं मौजूद थीं।

Posted By: Jagran