मधुपुर (देवघर) : दूसरों प्रदेशों से सड़क मार्ग से मजदूरों व छात्रों के घर वापसी का सिलसिला लगातार जारी है। मधुपुर-गिरिडीह मुख्य पथ पर भिरखीबाद मोड़ के समीप चेकपोस्ट पर 41 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच विभिन्न वाहनों से आए 247 मजदूरों को सोमवार को उतारा गया। आसमान से आग बरस रही गर्मी के कारण सभी लोगों का चेहरा मुरझाया हुआ था। मजदूर गुजरात, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना तमिलनाडु, पंजाब व बिहार से यहां पहुंचे थे। अनुमंडल अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सुनील कुमार मरांडी के निगरानी में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने थर्मल स्क्रीनिग की। सबका तापमान सामान्य मिलने के बाद लोगों को अलग-अलग वाहन से घर भेज दिया गया और उन्हें अगले 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन पर रहने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही किसी से भी नहीं मिलने-जुलने की सलाह दी गई। इस दौरान लोगों का काउंसलिग भी करीब 10 मिनट तक डॉ. इकबाल खान ने किया। प्रचंड गर्मी को देखते हुए उन्होंने लोगों से 12 घंटे में चार से पांच लीटर पानी पीने की सलाह दी। स्वास्थ्य जांच के बाद लोगों के बीच ओआरएस एवं शुद्ध पेयजल का वितरण किया गया। बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान चेकपोस्ट पर 4400 से अधिक मजदूरों व छात्रों को स्वास्थ्य जांच के लिए रोका गया है। इनमें से अधिकांश लोगों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है वहीं बीमारी का लक्षण मिलने पर लोगों को क्वारंटाइन सेंटर पर रखा जाता है और उनका सैंपल जांच के लिए भेजा जाता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें घर जाने की अनुमति मिलती है। मौके पर कनीय अभियंता सह दंडाधिकारी लगन देव, डॉ. अजीत तिवारी, अवर पुलिस निरीक्षक प्रवीण कुमार शर्मा, अजय कुमार दास, संजीव कुमार, राजीव रंजन, राकेश कुमार, विनोद कुमार दास, दिवाकर कुमार, जयनाथ राम, नीरज कुमार, नेपाली मुसहर समेत सुरक्षाकर्मी उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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