जागरण संवाददाता, देवघर। आइएमए के राज्य सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने स्पष्ट रूप से कहा कि झारखंड में अब चिकित्सक 67 वर्ष में सेवानिवृत्त होंगे। चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 67 वर्ष कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा के अगले सत्र में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट पारित कर दिया जाएगा।

सरकार हर कदम पर चिकित्सकों के साथ है, लेकिन डॉक्टर भी गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा दें। यह सरकार की मंशा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की प्रोन्नति सहित अन्य मांगों को भी सरकार पूरा करने पर विचार कर रही है। रघुवर सरकार डॉक्टर की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से कटिबद्ध है। सरकार जल्द ही 700 आयुष चिकित्सकों की बहाली करने जा रही है।

चिकित्सकों को ड्यूटी के दौरान अस्पताल नहीं छोड़ने का निर्देश राज्य व जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी किसी भी योजना में आइएमए के सदस्य को शामिल करने की मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि आने वाले समय में इसे पूरा किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर को ड्यूटी के दौरान अस्पताल नहीं छोड़ने का निर्देश दिया। आइएमए से सप्ताह में एक दिन अस्पताल में मरीजों की सेवा देने का अनुरोध किया।

स्वास्थ्य मंत्री एम्स को देवघर लाने को लेकर श्रेय लेने की मची होड़ पर चुटकी लेते हुए कहा कि एम्स लाने में किसी एक व्यक्ति का हाथ नहीं है बल्कि इसमें मुख्यमंत्री, सांसद, मंत्री का भी पूरा सहयोग मिला है। जो काम पिछले 70 साल में नहीं हुआ था, वह रघुवर दास के नेतृत्व में भाजपा के शासन काल में हुआ है। डाल्टेनगंज, सिमडेगा व दुमका में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। अगले साल इन कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे।

अब तक कोई भी सरकार सवर्णों के बारे में नहीं सोचती थी, लेकिन उनकी सरकार सभी वर्ग के 72 हजार से कम आय वाले परिवारों का दो लाख का बीमा कराने जा रही है। इसमें एपीएल व बीपीएल परिवार को शामिल किया गया है। सरकार 117 दवा को मुफ्त कर चुकी है। 

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By Sachin Mishra