चतरा : शहर में पानी की किल्लत को देखते हुए रविवार से राश¨नग व्यवस्था हुआ लागू कर दी गई है। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के अनुसार शहर के लोगों को अब सप्ताह में चार दिन ही पानी मिलेगा। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि नयी व्यवस्था रविवार से प्रभावी हो जाएगी। वैसे भी इन दिनों पानी को लेकर शहर में हाहाकार मचा हुआ है। लोग परेशान हैं। किसी मोहल्ला में पांच दिनों से, तो कहीं आठ दिनों से जलापूर्ति ठप है। मोहल्ले के लोग हंगामा कर रहे हैं। कभी जिला प्रशासन को, तो कभी अपने जनप्रतिनिधियों को कोस रहे हैं। जलापूर्ति ठप होने का मूल कारण बिजली का लो वोल्टेज बताया जा रहा है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था किसी हद तक तो ठीक है। लेकिन वोल्टेज कम होने के कारण बिजली फीडर से पानी टंकी तक पहुंच ही नहीं पा रहा है। इतना ही नहीं कम वोल्टेज में मोटर जलने की भी आशंका बनी रहती है। जब तक वोल्टेज सामान्य रहता है, तो किसी प्रकार से फीडर से पानी टंकी तक चढ़ाया जाता है, लेकिन उससे सभी मोहल्लों में पानी का आपूर्ति संभव नहीं है। चूंकि शहर में तीन टंकियों से वाटर सप्लाई होता है। जतराहीबाग स्थित पुराना जलमीनार से जतराहीबाग, मेलाटांड, मेन रोड़, केसरी चौक और अव्वल मोहल्ला में जलापूर्ति होता है। वहीं प्रखंड कार्यालय के जलमीनार से ¨बद मोहल्ला, चौर मोहल्ला, अव्वल मोहल्ला का कुछ भाग, थाना रोड़ आदि क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति होती है। वहीं काली पहाड़ी जलमीनार से पनसलवा, झारखंड मैदान, लाइन मोहल्ला, मेन रोड़ आदि क्षेत्रों में वाटर सप्लाई होता है। इनमें कुछ क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से, तो कुछ मोहल्लों में पांच दिनों से जलापूर्ति नहीं हो रही है। शहर में जलापूर्ति हेरूआ डैम से होती है। हालांकि गर्मी के दस्तक के बाद ही हेरूआ डैम ने जवाब दे दिया है। विकल्प के रूप में लक्ष्मणपुर डैम से पानी की आपूर्ति शुरू की गई है। लक्ष्मणपुर डैम में पानी का अभाव नहीं है। लेकिन बिजली की नियमित आपूर्ति नहीं होने से स्थिति भयावह होते जा रही है। जलापूर्ति व्यवस्था ठप होने के कारण शहर के लोगों में आक्रोश पनप रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण जल संकट उत्पन्न हुआ है। गर्मी के दिनों में वोल्टेज की समस्या आम है। इसके लिए अधिकारियों को पहले से ही सजग होना चाहिए। शहरवासियों का कहना है कि यदि एक से दो दिनों के भीतर व्यवस्था पूरी तरह से बहाल नहीं होती है, तो उग्र आंदोलन चलाया जाएगा और इसके लिए जिम्मेवार जिला प्रशासन एवं पेयजल और स्वच्छता प्रमंडल के अधिकारी होंगे। वोल्टेज समस्या का स्थायी हो हल शहर में वोल्टेज की समस्या काफी पुरानी है। गर्मी यह समस्या और विकराल रूप ले लेता है। दरअसल शहर की बिजली आपूर्ति भगवान भरोसे है। इतना ही नहीं वोल्टेज फ्लक्चुएशन भी बहुत है। जब तक इसका स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक वोल्टेज की समस्या भी यथावत रहेगी। अधिकारी वर्जन फीडर को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। जिसके कारण जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बिजली आपूर्ति के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखा गया है।

आशुतोष कुमार, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चतरा।

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