इटखोरी : दस दिन विलंब से ही सही लेकिन इस क्षेत्र में में मानसून ने आगमन की दस्तक दे दी है। रविवार के बाद सोमवार को भी क्षेत्र में बारिश हुई है। जिससे एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत मिली है, तो दूसरी तरफ मानसून की पहली बारिश ने किसानों को खेती-बाड़ी के लिए तैयार हो जाने का संकेत दे दिया है। वैसे तो मौसम विभाग ने क्षेत्र में 15 जून के आसपास मानसून के आगमन की भविष्यवाणी की थी। आसमान में उमड़ते बादलों यह लग रहा था कि मानसून किसी भी वक्त बरस सकता है। लेकिन मानसून के बादलों ने बरसने में दस दिनों का वक्त लिया। हलांकि क्षेत्र में मानसून का आगमन सुस्त रफ्तार से हुआ है। रविवार के बाद सोमवार को भी यहां हल्की फुल्की ही बरसात हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून का ब्रेक हो चुका है। आने वाले एक सप्ताह के दौरान क्षेत्र में अच्छी बरसात होगी। बरसात के साथ ही क्षेत्र में खेती बाड़ी का भी काम शुरू हो जाएगा। किसान भदई फसलों की बुवाई से लेकर खरीफ फसल की खेती में भी जुट जायेंगे। गौरतलब है कि क्षेत्र में किसान भदई फसल के रूप में सर्वाधिक क्षेत्र मकई की करते हैं। जबकि खरीफ फसल में किसानों की पसंद धान की खेती है। वैसे क्षेत्र में अल्पवृष्टि के कारण पिछले एक दशक से कई क्षेत्रों के किसानों ने धान की खेती से तौबा कर लिए हैं। क्योंकि धान की खेती में पर्याप्त बारिश की दरकार होती है। जो अब इस इलाके में नहीं हो पा रही है।