चतरा में रातोंरात खाली हो गया डैम, छोटी सी चूक से शहर के सामने खड़ा हुआ जल संकट
चतरा का हेरु डैम फाटक का वाल्व क्षतिग्रस्त होने से रातोंरात खाली हो गया, जिससे पूरे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था ...और पढ़ें

वल्व टूटने से रातोंरात खाली हुआ हेरु डैम, शहर की जलापूर्ति पर संकट।
HighLights
हेरु डैम का वाल्व क्षतिग्रस्त होने से रातोंरात खाली हुआ।
लकड़ी का बोटा निकालने के प्रयास में वाल्व टूटा।
चतरा शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर गहराया संकट।
संवाद सहयोगी, चतरा। झारखंड के चतरा में शहरवासियों की प्यास बुझाने वाला हेरु डैम खुद प्यासा हो गया है। फाटक का वल्व क्षतिग्रस्त होने के बाद डैम में बारिश से जमा पानी रातोंरात बहकर पूरी तरह खाली हो गया।
इससे पूरे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर संकट मंडराने लगा है। समय रहते वल्व की मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शहर की जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
आखिर ऐसा हुआ क्यों?
जानकारी के अनुसार, दूसरे स्थान से बहकर आया लकड़ी का मोटा बोटा (लकड़ी का बड़ा टुकड़ा) हेरु डैम के फाटक में फंस गया था।
ड्यूटी पर तैनात पीएचईडी कर्मियों ने बोटे को निकालने के उद्देश्य से फाटक खोलकर उसे पानी के बहाव के साथ बाहर निकालने का प्रयास किया।
इसी दौरान पानी की तेज धार के साथ लकड़ी का बोटा फाटक के वल्व पर जा गिरा। इससे वल्व क्षतिग्रस्त हो गया। वल्व टूटते ही इमरजेंसी एग्जिट पाइप से पानी तेज गति से बाहर निकलने लगा।
देखते ही देखते डैम में जमा पानी पूरी तरह बह गया। डैम खाली होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में शहरवासी स्थिति का जायजा लेने वहां पहुंचने लगे।
पीएचईडी कर्मियों ने बताया कि डैम में पानी को दोबारा रोकने और शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने के लिए विभागीय टीम लगातार काम कर रही है। क्षतिग्रस्त वल्व को दुरुस्त करने का प्रयास जारी है।
गर्मी में जलसंकट को लेकर उठ रहे सवाल
डैम के खाली होने से शहरवासियों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में डैम की यह स्थिति है तो गर्मी में जलसंकट कितना गंभीर होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
गौरतलब है कि लंबे समय से जर्जर हेरु डैम के सभी फाटकों को हाल में दुरुस्त कराया गया था। फाटक दुरुस्त होने के बाद अब वल्व क्षतिग्रस्त होने से नई परेशानी खड़ी हो गई है। हेरु डैम से ही चतरा शहर में जलापूर्ति की जाती है।
