संवाद सूत्र, कान्हाचट्टी (चतरा)। लोगों को कर्ज मुक्त बनाने तथा गरीबी मिटाने के बड़े-बड़े सरकारी दावों के बाद भी कर्ज में डूबे लोगों के द्वारा आत्महत्या करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र व हरियाणा की तरह कर्ज से मुक्ति पाने के लिए आत्महत्या का रूप अब झारखंड में भी देखने को मिलने लगा है। सूबे के चतरा जिला के अंतर्गत कान्हाचट्टी प्रखंड के मदगडा गांव में मंगलवार की रात लोकनाथ साव नामक एक 50 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति ने कर्ज न चुका पाने की वजह से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसके परिजनों को सौंप दिया है। इस संदर्भ में थाना में यूडी का एक मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात अपने घर में खाना खाने के पश्चात लोकनाथ परिजनों के साथ घर में सो गया था। बुधवार की सुबह परिवार के सदस्य जब सो कर उठे तब लोकनाथ घर में नहीं था। थोड़ी देर बाद घर के परिजनों को लोकनाथ के द्वारा फांसी लगा ले लेने की सूचना पास पड़ोस के लोगों से मिली। परिजन भागे-भागे घर के समीप स्थित उस महुआ के पेड़ के पास पहुंचे जहां लोकनाथ का शरीर पेड़ में लगाए गए फांसी के फंदे से झूल रहा था। लोकनाथ की पत्नी ने बताया है कि लोकनाथ पुत्री के विवाह के लिए अपने किसी रिश्तेदार से पचास हजार रुपये कर्ज के रूप में लिया था।

आर्थिक स्थिति खराब रहने के कारण वह कर्ज़ लौटा नहीं पा रहा था। इस वजह से वह पिछले दो-तीन माह से काफी मानसिक तनाव से गुजर रहा था। मानसिक तनाव के कारण उसने शराब का सेवन भी शुरू कर दिया था। मंगलवार की रात भी वह शराब पीकर घर आया था। कर्ज में डूबे लोकनाथ के द्वारा आत्महत्या करने की घटना ने प्रशासन को सकते में डाल दिया है। पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुट गई है। 

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Posted By: Sachin Mishra

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