चतरा में बारिश से बढ़े सांप के डसने के मामले, सदर अस्पताल में रोज पहुंच रहे 3-4 मरीज
चतरा जिले में बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामले बढ़े हैं, सदर अस्पताल में प्रतिदिन 3-4 मरीज आ रहे हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
चतरा में बरसात के कारण सर्पदंश के मामले बढ़े।
सदर अस्पताल में प्रतिदिन 3-4 सर्पदंश मरीज पहुंच रहे।
सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध।
संवाद सहयोगी, चतरा। जिले में बरसात के मौसम के साथ सर्पदंश के मामलों में बढ़ोतरी होने लगी है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सदर अस्पताल में प्रतिदिन औसतन तीन से चार सर्पदंश के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है, ताकि किसी भी मरीज को दवा के अभाव में परेशानी न हो। जिला भंडार से हाल ही में सदर अस्पताल को 500 वायल एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया गया है। जिला भंडार में फिलहाल करीब 200 वायल का स्टॉक अस्पताल में सुरक्षित है।
आवश्यकता पड़ने पर जिला भंडार से अतिरिक्त आपूर्ति भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। जिला भंडार प्रभारी शैलेंद्र ठाकुर ने बताया कि सदर अस्पताल के अलावा जिले के सभी छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में भी एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है।
बरसात के मौसम में संभावित मांग को देखते हुए अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध कराने के लिए विभाग को पत्राचार भी किया गया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कमी न हो। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्षा के दिनों में खेतों, झाड़ियों, जलजमाव वाले क्षेत्रों और कच्चे घरों के आसपास सांपों का निकलना बढ़ जाता है।
ऐसे में ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश की घटनाएं अधिक सामने आती हैं। इसी कारण सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट रहने और जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इधर, सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार सिन्हा ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में समय बर्बाद न करें।
मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाएं, जहां एंटी स्नेक वेनम के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जाता है। समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है। कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्राें में दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी अस्पतालों को तैयार रखा गया है।
