संवाद सहयोगी, चतरा : उपायुक्त अंजली यादव ने बुधवार को जिला मुख्यालय के विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उपायुक्त के औचक निरीक्षण से अधिकारियों व कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। डीसी अचानक अपने कार्यालय से निकली और सीधे परिवहन कार्यालय पहुंची। जिस वक्त डीसी वहां पहुंची थीं, कार्यालय परिसर में अच्छी खासी भीड़ थी। उपायुक्त कंप्यूटर आपरेटरों को अपने साथ ले लिया। साथ ही वहां मौजूद दो वेंडरों को भी गाड़ी पर बैठा ली और उनका मोबाइल जब्त कर दिया। इसके बाद डीसी विकास भवन पहुंचे। विकास भवन में डीआरडीए का निरीक्षण की। तत्पश्चात कांफ्रेंस हाल गई। फिर समाज कल्याण, पंचायत राज का निरीक्षण किया। उसके बाद डीसीएलआर का कार्यालय पहुंची। इसके बाद सदर अनुमंडल कार्यालय और फिर अवर निबंधन पदाधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण की।

सूत्रों ने बताया कि निरीक्षण के दौर जितने भी कर्मी एवं कंप्यूटर आपरेटर संदिग्ध नजर आए, डीसी उन सभी का स्मार्टफोन जब्त ली। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों व कर्मियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही सभी पदाधिकारियों व कर्मियों को ससमय अपने दफ्तर में पहुंचने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यालयों में बिचौलियों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्देश दिया। सूत्रों ने बताया कि कुछ कर्मी अथवा कंप्यूटर आपरेटर अपने स्मार्टफोन से संबंधित अधिकारियों को रुपये ट्रांसफर करते हैं। रिश्वत के रुपये अधिकारी कंप्यूटर आपरेटर एवं कर्मियों के माध्यम से वसूल कराते हैं और बाद में पे-फोन से उसे अपने बैंक एकाउंट में ट्रांसफर करा लेते हैं। सूत्रों ने बताया कि डीसी को इस प्रकार की विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद ही उन्होंने औचक निरीक्षण के बाद कर्मियों को स्मार्टफोन को जब्त किया है। सूत्रों ने बताया कि डीसी एवं एसपी जब्त स्मार्टफोन की जांच कर रहे हैं।

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