चतरा : भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के विरोध में सोमवार को समाहरणालय के समक्ष विपक्षी पार्टियों ने धरना प्रदर्शन किया। जिसका नेतृत्व झामुमो जिला अध्यक्ष पंकज प्रजापति ने किया।

धरना प्रदर्शन में कांग्रेस, राजद, जेवीएम, भाकपा के साथ-साथ झारखंड विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। धरना प्रदर्शन के पश्चात राज्यपाल के नाम से एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। धरना को संबोधित करते हुए झामुमो •िाला अध्यक्ष ने कहा की रघुवर सरकार द्वारा लाया गया भूमि अधिग्रहण बिल 2017 के संशोधन से झारखंड के आदिवासी-मूलवासी, गरीब-गुरुबा, दबे कुचले लोगों के हक अधिकार से बेदखल किया जा रहा है। भाजपा सरकार में महंगाई चरम सीमा पार कर गई हैं। आम आवाम को बेरोजगारी, महंगाई और मंदिर मस्जिद की राजनीति में उलझाकर कारपोरेट घरानें को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है। झामुमो अध्यक्ष ने आगे कहा की लोग बिजली पानी के लिए त्राहिमाम कर रही है। लोगो की आए दिन दिनदहाड़े हत्या हो रही है। बहन-बेटियों की अस्मत को लूटी जा रहा है। झारखंड सरकार अपने कान में तेल डाल कर कुम्भकर्णी नींद में सोई हुई है। नगर परिषद क्षेत्र में खाली जमीन पर भी कर लेने का काम कर रही है। सभा को संबोधित करते हुए राजद जिलाध्यक्ष सलीम गोल्डन ने कहा कि आज समय की मांग है की संपूर्ण विपक्ष एकजुट होकर भाजपा सरकार को 2019 के आम चुनाव में मुंहतोड़ जबाब दे। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा की आज लोग महंगाई से त्रस्त हो रहें हैं।

यूपीए गठबंधन सरकार में पेट्रोल डीजल सहित खाद्य सामग्री की कीमतों को काबू में रखा गया था। सभा में जेवीएम जिलाअध्यक्ष तिलेश्वर राम, कम्युनिस्ट पार्टी के देवनंदन साहू, बिनोद बिहारी पासवान, रामलखन दांगी, पवन कुमार, मो. जियाउद्दीन, मो. सल्लाउद्दीन उ़र्फ राजन, राकेश कुमार सिन्हा उ़र्फ रवि सिन्हा, उपेन्द्र भोक्ता, रणजीत भोक्ता राजकिशोर कमल, एमएल श्रीवास्तव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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