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चतरा सदर अस्पताल में मेडिकल कचरा प्रबंधन बदहाल, एक दशक से खराब पड़ी इंसीनेटर मशीन

Published: Wed, 29 Apr 2026 05:06 PM (IST)

चतरा सदर अस्पताल में मेडिकल कचरा निस्तारण की व्यवस्था एक दशक से बदहाल है, जहां 2006 में लगी इंसीनेटर मशीन खराब पड़ी है।

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संवाद सहयोगी, चतरा। सदर अस्पताल में मेडिकल कचरा निस्तारण की व्यवस्था लंबे समय से बदहाल बनी हुई है। वर्ष 2006 में अस्पताल परिसर में बायो मेडिकल वेस्ट के निपटान के लिए इंसीनेटर मशीन लगाई गई थी, लेकिन स्थापना के कुछ ही दिनों बाद यह मशीन खराब हो गई। हैरानी की बात यह है कि करीब एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसे दुरुस्त कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

जानकारी के अनुसार, इंसीनेटर मशीन को ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया, जो घनी आबादी के बीच था, जबकि इस तरह की मशीनों को वीरान या आबादी से दूर क्षेत्र में लगाने का प्रावधान है।

मशीन लगने के बाद आसपास के लोगों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया था। विरोध तेज होने ही वाला था कि मशीन तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने इस ओर दोबारा ध्यान देना जरूरी नहीं समझा।

वर्तमान में अस्पताल प्रशासन बायो मेडिकल कचरे के निपटान के लिए निजी एजेंसी पर निर्भर है। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से रामगढ़ की एक कंपनी के साथ एमओयू किया गया है। यह एजेंसी सप्ताह या पंद्रह दिनों के अंतराल पर अपनी गाड़ी भेजकर अस्पताल से कचरा उठाकर ले जाती है।

हालांकि, नियमित और समयबद्ध उठाव नहीं होने से बीच-बीच में कचरे के जमाव की स्थिति भी बन जाती है। सबसे चिंताजनक स्थिति यूज्ड सेनेटरी पैड्स के निपटान को लेकर है।

जानकारी के मुताबिक, इन्हें डिस्पोज करने के लिए प्लासेंटा किट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कि एक अस्थायी और मानक के अनुरूप व्यवस्था नहीं मानी जाती है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का आना-जाना होता है, ऐसे में मेडिकल कचरे का डिस्पोज बेहद जरूरी है।

बावजूद इसके, व्यवस्था में सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इस मामले में जिला प्रशासन से पहल करने की मांग की है। उनका कहना है कि इंसीनेटर मशीन को या तो दुरुस्त किया जाए या फिर नए सिरे से आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाए, ताकि अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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