KGBV की छात्राएं बोलेंगी फर्राटेदार अंग्रेजी, चतरा में जल्द शुरू होगा विशेष कार्यक्रम
चतरा में उपायुक्त रवि आनंद की पहल पर कस्तूरबा गांधी और झारखंड आवासीय विद्यालयों की छात्राओं के लिए एक विशेष अंग्रेजी शिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय। जागरण
HighLights
उपायुक्त रवि आनंद की पहल पर इंग्लिश लर्निंग प्रोग्राम शुरू।
कस्तूरबा और झारखंड आवासीय विद्यालयों की छात्राएं होंगी लाभान्वित।
प्रति छात्रा तीन हजार रुपये खर्च, कार्यक्रम एक साल चलेगा।
जुलकर नैन, चतरा। जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को अब अंग्रेजी भाषा में दक्ष बनाने की विशेष पहल शुरू होने जा रही है। उपायुक्त रवि आनंद की पहल पर इंग्लिश लर्निंग प्रोग्राम प्रारंभ किया जाएगा।
इसका उद्देश्य कस्तूरबा गांधी एवं झारखंड आवासीय विद्यालयों की छात्राओं के अंग्रेजी बोलने, समझने और संवाद करने के कौशल को बेहतर बनाना है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के रोजगार के अवसरों के लिए भी बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।
पहले होगा छात्राओं का टेस्ट, फिर बेशलाइन सर्वे कार्यक्रम शुरू करने से पहले कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राओं का टेस्ट लिया जाएगा। इसके आधार पर उनके वर्तमान अंग्रेजी ज्ञान और भाषा संबंधी दक्षता का आकलन किया जाएगा।
इसके बाद बेसलाइन सर्वे तैयार कर छात्राओं की जरूरत और सीखने के स्तर के अनुसार प्रशिक्षण की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इससे यह पता लगाने में भी मदद मिलेगी कि कार्यक्रम के दौरान छात्राओं की अंग्रेजी भाषा में कितनी प्रगति हुई है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि अंग्रेजी भाषा में बेहतर पकड़ छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी शिक्षा उपलब्ध कराने से उनके लिए उच्च शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को केवल अंग्रेजी के शब्द और व्याकरण सिखाने के बजाय दैनिक जीवन में उसका प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
एक साल तक चलेगी विशेष योजना
इंग्लिश लर्निंग प्रोग्राम करीब एक वर्ष तक संचालित किया जाएगा। योजना के तहत छात्राओं को अंग्रेजी बोलने, सुनने, पढ़ने और लिखने का नियमित अभ्यास कराया जाएगा।
प्रशिक्षण को इस तरह तैयार किया जाएगा कि छात्राएं बिना झिझक अंग्रेजी में बातचीत कर सकें। इसके लिए संवाद आधारित गतिविधियों, अभ्यास और अन्य प्रभावी तरीकों का सहारा लिया जाएगा।
योजना के तहत प्रत्येक बच्ची पर करीब तीन हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। उपायुक्त की इस पहल को कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के प्रभाव का आकलन समय-समय पर किया जाएगा, ताकि जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण में आवश्यक बदलाव भी किए जा सकें।
प्रति बच्ची तीन हजार रुपये किए जाएंगे खर्च
इन बच्चियों को अंग्रेजी में दक्ष बनाने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की राशि खर्च की जाएगी। प्रति बच्ची तीन हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सदर, हंटरगंज, प्रतापपुर, कुंदा, लावालौंग, टंडवा, सिमरिया, पत्थलगडा, गिद्धौर एवं इटखोरी प्रखंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका का संचालन हो रहा है।
इन विद्यालयों में करीब पांच हजार छात्राएं हैं। वहीं मयूरहंड एवं कान्हाचट्टी में झारखंड आवासीय बालिका विद्यालय संचालित होते हैं। इन दोनों स्कूलों में करीब साढ़े पांच सौ बच्चियां अध्ययनरत हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका एवं झारखंड आवासीय बालिका स्कूलों की बच्चियों के लिए इंग्लिश लर्निंग प्रोग्राम की पहल की गई है। उद्देश्य बहुत स्पष्ट है कि सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों से बाने वाली बच्चों में अंग्रेजी के प्रति आकर्षण को बढ़ाना और बोलचाल एवं पठन-पाठन में दक्ष बनाना है। एक बच्ची पर प्रति माह ढाई सौ रुपये खर्च किए जाएंगे। -रवि आनंद, डीसी, चतरा।
