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हाईवा छोड़ो आंदोलन से चतरा में कोयला परिवहन ठप, CCL को रोज करोड़ों का नुकसान; 14 अगस्त को होगी अहम बैठक

By ZULQAR NAINEdited By: Mansi Kumari
Published: Thu, 13 Aug 2026 10:56 AM (IST)

हाईवा छोड़ो आंदोलन के कारण चतरा के टंडवा-केरेडारी क्षेत्र में कोयला और फ्लाई ऐश का परिवहन बाधित है, जिससे सीसीएल ...और पढ़ें

चतरा में कोयला परिवहन ठप। जागरण

चतरा में कोयला परिवहन ठप। जागरण

HighLights

  1. हाईवा छोड़ो आंदोलन से कोयला परिवहन 9 अगस्त से बाधित।

  2. सीसीएल को प्रतिदिन 100 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान।

जागरण संवाददाता, चतरा। हाईवा छोड़ो आंदोलन के कारण टंडवा-केरेडारी क्षेत्र में कोयला और फ्लाई ऐश का परिवहन प्रभावित होने से कोल कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। आंदोलन के तहत नौ अगस्त से कोयला और फ्लाई ऐश का परिवहन बाधित है। परिवहन व्यवस्था ठप रहने से सीसीएल को प्रतिदिन करीब सौ करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है।

वहीं, साइडिंग के आसपास पिछले तीन दिनों से मालगाड़ियों के खड़े रहने से स्थिति और गंभीर हो गई है। आंदोलन समिति की प्रमुख मांगों में पकरी बरवाडीह से हजारीबाग-सिमरिया होकर कोयला ढुलाई पर रोक, टिप ट्रेलर से फ्लाई ऐश के परिवहन पर प्रतिबंध तथा कोयला-फ्लाई ऐश ढुलाई में मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) और सड़क सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन शामिल है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि भारी वाहनों के परिचालन से सड़क सुरक्षा प्रभावित हो रही है और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाधान को लेकर प्रशासन ने 14 अगस्त को टंडवा अंचल सह प्रखंड कार्यालय के सभागार में पूर्वाह्न 11:00 बजे बैठक बुलाई है।

अंचल अधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों की उपस्थिति अनिवार्य की है।बैठक में आंदोलन समिति की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार-विमर्श के साथ सभी पक्षों का मत जाना जाएगा।

बैठक में टंडवा व केरेडारी क्षेत्र के ट्रांसपोर्टर, विस्थापित एवं प्रभावित हाईवा आनर एसोसिएशन, एनटीपीसी टंडवा-केरेडारी, चट्टीबारियातु और पकरी बरवाडीह के अधिकारी तथा सीसीएल परियोजनाओं के महाप्रबंधक शामिल होंगे। इसके अलावा टंडवा और सिमरिया थाना प्रभारी, जनप्रतिनिधि, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, एसडीओ सिमरिया और जिला परिवहन पदाधिकारी को भी आमंत्रित किया गया है।

आंदोलनकारी झामुमो नेता मनोज चंद्रा ने बताया कि कोल वाहनों की चपेट में आने से पिछले दस वर्षों में डेढ़ हजार के करीब मौतें हुई है। सीसीएल प्रबंधन परिवहन के लिए व्यवसायिक सड़क का निर्माण कराए। झामुमो, राजद, कांग्रेस एवं विभिन्न राजनीतिक दलों ने आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।

अंचल अधिकारी ने बताया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आंदोलन समिति की मांगों पर सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सुनकर समाधान का रास्ता निकालना है। बैठक में भारी वाहनों के परिचालन, कोयला व फ्लाई ऐश परिवहन तथा सड़क सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।

प्रशासन ने सभी संबंधित लोगों से निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने की अपील की है।कोयला ढुलाई बाधित होने का असर खनन और बिजली उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों पर भी पड़ने की आशंका है।

साइडिंग में मालगाड़ियों के खड़े रहने से परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर 14 अगस्त को होने वाली बैठक पर टिकी है। यदि वार्ता में सहमति बनती है, तो कोयला व फ्लाई ऐश परिवहन सामान्य होने की उम्मीद है।