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जुलकर नैन, चतरा : चतरा के माथे पर लगा उग्रवाद और पिछड़ेपन का कलंक धीरे-धीरे मिटने लगा है। अधिकारियों के बीच काम करने की लालसा बढ़ने लगी है। वे कुछ अलग और नया करने का प्रयास कर रहे हैं। जिसका उन्हें प्रतिफल भी मिल रहा है। इससे जिले का नाम प्रदेश और देश में रोशन हो रहा है। महज तीन महीनों के भीतर यहां के अधिकारियों को पांच बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया है। यह अपने आप में एक कीíतमान है। प्रदेश का यह संभवत: पहला जिला है, जिसे 90 दिनों के भीतर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा तीन और दो बड़े एवार्ड मिले हैं। स्कॉच एवार्ड से लेकर जनसाझेदारी एप और मनरेगा जियोटै¨गग का एवार्ड केंद्र से मिले हैं। वहीं स्टेट स्तर पर 2017 में मैट्रिक परीक्षा में पूर प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के उपयोग के लिए राज्य सरकार ने पुरस्कृत किया है। विकास योजनाओं की पारदर्शी बनाने के लिए स्थानीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा बनाया गया जनसाझेदारी एप के लिए केंद्र सरकार ने स्कॉच एवार्ड में प्रथम पुरस्कार दिया गया है। वहीं वर्मी कंपोस्ट के जरिये महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्कॉच का ब्रांच एवार्ड मिला है। स्कॉच का यह दोनों एवार्ड 21 जून को दिल्ली में मिला है। सरकार ने यहां के उपायुक्त जितेंद्र कुमार ¨सह और एनआईसी पदाधिकारी राजीव रंजन को इसके तहत दिल्ली में सम्मानित किया था। इस प्रकार 25 जुलाई को स्वच्छ भारत मिशन के तहत निíमत कराए गए शौचालयों के उपयोग के लिए राज्य सरकार ने उप विकास आयुक्त मुरली मनोहर प्रसाद को सम्मानित किया। इसी प्रकार दो सितंबर को राज्य के शिक्षा सचिव ने मैट्रिक की परीक्षा 2017 में पूरे प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उपायुक्त जितेंद्र कुमार ¨सह को सम्मानित किया। वहीं 11 सितंबर को मनरेगा की परिसंपत्तियों की जियोटै¨गग के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने चतरा को प्रथम पुरस्कार से नवाजा। जियोटै¨गग में चतरा जिला देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इन उत्कृष्टताओं के लिए उपायुक्त जितेंद्र कुमार ¨सह ने खुशी प्रकट करते हुए अधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मी इसके लिए धन्यवाद के पात्र हैं।

Posted By: Jagran