चतरा, जासं। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के नजदीक विलुप्पुरम जिले में गुरुवार सुबह चार बजे हुए भीषण सड़क हादसे में चतरा के आठ मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक सभी मजदूर सदर प्रखंड क्षेत्र के रहनेवाले बताए गए हैं। पीकअप वैन और बस की सीधी टक्‍कर में मरनेवालों में ऊंटा गांव के सिकेंद्र भुईयां, राजू भुईयां, मनोज रजक, कारू रजक व मदन भुईयां, मंगरदाहा गांव के अनूज भुईयां व अशोक रजक और टंडवा गांव कारू रजक तथा चमन रजक शामिल हैं। ये सभी मजदूर चेन्‍नई में विद्युतीकरण कार्य को ले एक टावर निर्माण एजेंसी में काम करते थे।

बताया गया कि चेन्‍नई में वर्किंग साइट पर जाने के दौरान यह भीषण हादसा हुआ है। मजदूरों को ले जा रही पिकअप को एक यात्री बस ने सीधी टक्‍कर मारी थी। जोरदार टक्कर में इन सभी 8 मजदूरों की मौत हो गई। घटना से मृतकों के गांव में मातम पसरा है, परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन है। इस हादसे में तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जिनका इलाज स्‍थानीय अस्‍पताल में चल रहा है।

लोकसभा में गूंजा तमिलनाडु सड़क हादसा, सांसद सुनील कुमार सिंह ने उठाया मामला
तमिलनाडु के विलुप्पुरम जिले में सड़क हादसे के शिकार हुए चतरा के नौ मजदूरों का मामला लोकसभा में गूंजा। गुरुवार की देर रात चतरा संसदीय क्षेत्र के सांसद सुनील कुमार सिंह ने इस भीषण सड़क दुर्घटना के मामले को उठाते हुए मृतकों के शवों को यथाशीघ्र उनके पैतृक गांव पहुंचाने और सभी आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये बतौर मुआवजा दिलाने की मांग लोकसभा अध्‍यक्ष से की।

सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि हादसे में मार गए सभी नौ मजदूर उनके निर्वाचन क्षेत्र चतरा के हैं। मृतकों के परिजनों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उन्होंने सदन में शोक व्यक्त करते हुए घटना पर इंश्योरेंस का पैसा दिलाने की मांग की।

Posted By: Alok Shahi

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