विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फीडर निर्माण में संवेदक ने की मनमानी

By JagranEdited By:
Published: Thu, 04 May 2017 01:00 AM (GMT+05:30)

चतरा : शहर की जलापूर्ति को नियमित करने के लिए भेड़ी फार्म में अधिष्ठापित किया गया फीडर हाथी का दांत स

फीडर निर्माण में संवेदक ने की मनमानी
फीडर निर्माण में संवेदक ने की मनमानी

चतरा : शहर की जलापूर्ति को नियमित करने के लिए भेड़ी फार्म में अधिष्ठापित किया गया फीडर हाथी का दांत साबित हो रहा है। फीडर निर्माण पूर्ण होने के बावजूद लोगों को पेयजल संकट से निजात नहीं मिल पा रही है। इसका एक मात्र कारण फीडर निर्माण कार्य में संवेदक द्वारा बरती गई लापरवाही है। हेरू डैम के सूखने के बाद ऊंटा स्थित लक्षणपुर डैम से जलापूर्ति शुरू की गई। बावजूद इसके बिजली के अभाव में शहर में पेयजल संकट की स्थिति यथावत बनी हुई है। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्युत आपूर्ति प्रमंडल को फिल्टर प्लांट से लक्षनपुर डैम तक सेपरेट फीडर लगाने का निर्देश देते हुए करीब 32 लाख रूपये आवंटन दिया था। विभाग द्वारा आनन-फानन में फीडर निर्माण का निर्देश चतरा के राज इलेक्ट्रिकल्स नामक एजेंसी को सौंप दिया। लेकिन संवेदक द्वारा फीडर निर्माण में इस कदर अनियमितता बरती गई कि मामले में पुन: जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।

योजना के मुताबिक संवेदक को फिल्टर से गंधरिया के बीच करीब 12 किमी सीमेंट पोल के माध्यम से फीडर का निर्माण कराना था। लेकिन एजेंसी ने नियमों को ताक पर रख कर कई स्थानों पर पेड़ों के डालियों में इंस्यूलेंटर अधिस्ठापित कर फीडर का निर्माण कार्य पूरा कर दिया। जिसका खामियाजा मामूली हवाओं में ही शहरवासियों को भुगताना पड़ रहा है। इतना ही नहीं इससे खतरा भी बना हुआ है। रविवार को आई मामूली आंधी में ही फीडर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। कई स्थानों पर बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि कई जगहों पर पेड़ के डालियों में लगा इंस्यूलेंटर भ्रष्ट हो गया। जिससे पेड़ में बिजली प्रवाहित होने का खतरा बना हुआ है। फीडर के क्षतिग्रस्त होने से शहर में पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। जिससे पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

कार्यपालक अभियंता ने डीसी को लिखा त्राहिमाम पत्र

सेपरेट फीडर के निर्माण एजेंसी राज इलेक्ट्रिकल्स के लापरवाह रवैये व बार-बार फीडर में आ रहे समस्याओं को लेकर स्मार पत्र देने के बावजूद संवेदक द्वारा कार्य में सुधार नहीं लाने से तंग आकर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता राजेश मिश्रा ने उपायुक्त संदीप ¨सह को त्राहिमाम पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से ईई ने डीसी से संवेदक के विरूद्ध कार्रवाई की अनुमति मांगी है। जिसपर डीसी ने संवेदक को तीन दिनों का मोहलत देते हुए फीडर निर्माण में बरती गई अनियमितता को दुरूस्त करने का निर्देश दिया है। स्थिति में सुधार नहीं लाने पर कार्यपालक अभियंता को निर्माण एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करते हुए मनी रिकवरी करने का निर्देश दिया है।

कोट

संवेदक द्वारा फीडर निर्माण में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। जिसमें सुधार लाने को लेकर विभाग द्वारा लगातार पत्राचार किया जा रहा है। बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रही है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगताना पड़ रहा है। पोल के साथ कई स्थानों पर एजेंसी द्वारा पेड़ों में एनस्यूलेंटर लगाया गया है। जो नियम के विरूद्ध है। कार्रवाई की जाएगी।

राजेश मिश्रा, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, चतरा।