अरविद, बोकारो: अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगले माह की 15 तारीख के बाद राज्य भर के लोगों को इमरजेंसी सेवाओं के लिए अलग-अलग टेलीफोन नंबर डायल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार 15 अक्टूबर के बाद राज्य भर में इमरजेंसी सेवाओं के लिए एक ही नंबर 112 शुरू करने जा रही है। यह नंबर डायल करते ही पुलिस से लेकर एंबुलेंस या फायर बिग्रेड तक की सुविधा मिल जाएगी। वर्तमान में इन सभी सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर डायल करना पड़ता है।

अभी पुलिस के लिए 100 नंबर लोग डायल करते हैं तो एंबुलेंस सेवा के लिए 108 पर फोन करना पड़ता है। बोकारो व आसपास के जिलों में भी फायर बिग्रेड का कोई स्थानी नंबर नहीं है। बहुत पहले 101 डायल करने पर फायर बिग्रेड की सुविधा मिलती थी, लेकिन वर्तमान में यह यह नंबर बंद है। बोकारो में जियो का दो मोबाइल नंबर दो फायर स्टेशन के लिए मुख्यालय ने आवंटित किया है, लेकिन आम तौर पर 10 अंकों का नंबर लोग याद नहीं रख पाते हैं। इस वजह से जब भी फायर बिग्रेड की जरूरत होती है, लोग 100 नंबर पर या स्थानीय थाने में फोन कर मदद की गुहार लगाते हैं। इससे मदद मिलने में देर होती है। 112 सेवा के शुरू होने के बाद पुलिस, फायर बिग्रेड या फिर एंबुलेंस की सुविधा लोगों को तुरंत मिलेगी। 112 नंबर की सेवा शुरू करने के लिए राज्य मुख्यालय ने सभी जिलों से 122 सिपाहियों की तैनाती की है। इस सेवा के लिए अलग-अलग जिलों से राज्य मुख्यालय में तैनात किए गए सिपाहियों को 1 अक्टूबर को रांची में योगदान देने का आदेश मिला है। बोकारो से इसके लिए 10 सिपाहियों की तैनाती हुई है।

बोकारो से इन्हें किया गया तैनात: बोकारो से इस सेवा में योगदान देने के लिए सिपाही विकास कुमार, बबलू कुमार राम, मनोहर कुमार गोराई, अजय कुमार, अजीत कुमार मंडल, भोला नाथ साव, रिकु महतो, सरिता कुमारी, शीतल कुमारी और सरस्वती कुमारी का चयन किया गया है।

इसके अलावा धनबाद, देवघर से पांच-पांच, दुमका से चार, साहेबगंज से 4, गिरिडीह से पांच सिपाहियों की तैनाती की गई है।

मार्च माह में शुरू होने वाली थी सेवा: 28.89 करोड़ की लागत से नियंत्रण कक्ष बनाने की योजना रांची मुख्यालय में थी। इस सेवा को राज्य सरकार ने बीते मार्च माह में ही शुरू करने की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से इसे शुरू करने की तिथि आगे बढ़ाई गई।

ऐसे काम करेगा यह नंबर: वर्तमान में प्रभावी डायल 100 की तर्ज पर यह नंबर काम करेगा। 100 नंबर डायल करते ही रांची मुख्यालय में कॉल रिसीव होता है। फरियादी ने जिस जिले से मदद के लिए फोन किया हैं, रांची से ही वहां के कंट्रोल रूम में कॉल ट्रांसफर कर दिया जाता है।

इसी तरह 112 की सेवा शुरू होने के बाद मुख्यालय में ही कॉल रिसीव होगा और इसके बाद कॉल संबंधित जिलों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। जिलों के कंट्रोल रूम में बैठे ऑपरेटर को फरियादी अपनी समस्या बताएंगे। कंट्रोल रूम में कॉल रिसीव करने वाला ऑपरेटर संबंधित विभाग को तुरंत सूचना देकर मदद मांगने वालों तक पुलिस या एंबुलेंस या फायर बिग्रेड भेजेगा।

कॉलर का मोबाइल नंबर, लोकेशन व नाम भी दिखेगा स्क्रीन पर: वर्तमान में 100 नंबर डॉयल करने वाले का नाम मोबाइल नंबर व लोकेशन कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर दिखता है। 112 सेवा के शुरू होने के बाद भी ऐसा ही होगा। अगर मदद मांगने वाले को उस लोकेशन की जानकारी नहीं है, जहां वह खड़ा है, तब भी जीपीएस के आधार पर पुलिस उस तक मदद पहुंचा देगी।

Posted By: Jagran

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