बोकारो : रामरुद्र प्लस टू उच्च विद्यालय चास के शिव शंकर कुमार ने बुलंद इरादे के साथ मंजिल की ओर कदम आगे बढ़ाया है। बाधाओं के बीच कठिन परिश्रम से सफलता की सीढ़ी तय करते हुए जैक की 12वीं कक्षा में कला संकाय वर्ग में 419 अंक हासिल कर बोकारो जिले में चौथा स्थान हासिल किया। शिवशंकर ने अंग्रेजी में 70, हिदी में 96, इतिहास में 86, भूगोल में 81 व अर्थशास्त्र में 86 अंक हासिल किया। इसके पिता मथुरा साव योधाडीह मोड़ में ठेला पर सत्तू-भूजा बेचते हैं। माता वीणा देवी गृहिणी हैं। पिता की आय काफी कम है। इसलिए उसे बाधाओं से दो-चार होना पड़ता है। वह भारतीय सेना में अधिकारी बनना चाहता है। इसलिए लक्ष्य साध कर परिश्रम कर रहा है। शिव शंकर ने कहा कि कोरोना काल में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

बड़ी मुश्किल से पिता ने आनलाइन पढ़ाई करने के लिए एंड्रायड मोबाइल खरीद कर दिया। शिक्षकों ने शंका का समाधान किया। माता-पिता व शिक्षकों ने आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

-----------

फोटो: 31 बोकारो 33 जागरण संवाददाता, बोकारो:

रामरुद्र प्लस टू उच्च विद्यालय चास की श्रुति प्रमाणिक ने मन में जीत के जज्बे से सफलता की राह पर कदम आगे बढ़ाया। इसने झारखंड अधिविद्य परिषद् बारहवीं वाणिज्य संकाय में 454 अंक हासिल कर बोकारो जिले में पांचवां स्थान हासिल किया। उन्हें अंग्रेजी में 94, अकाउंट्स में 90, बीएसटी में 94, अर्थशास्त्र में 82 व बिजनेस मैथेमेटिक्स में 94 फीसद अंक हासिल किया। इसके पिता चास मछलीपट्टी निवासी कुलदीप प्रमाणिक बिजली मिस्त्री हैं। माता चाइना प्रमाणिक गृहिणी हैं। वह बैंक अधिकारी बनना चाहती है। इसलिए इस दिशा में कठिन परिश्रम कर रही

है। कहा कि पिता की आय कम है। इसलिए जीवन में संघर्ष से नाता है। घर में एक ही एंड्रायड मोबाइल है। इसे लेकर पिता काम पर चले जाते थे, तो आनलाइन शिक्षा में परेशानी होती थी। इसके बावजूद प्रत्येक दिन पांच से छह घंटा स्वअध्ययन किया। लक्ष्य साध कर कठिन परिश्रम किया। माता-पिता ने सदैव आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का भी लाभ मिला। ----------

फोटो: 31 बोकारो 32 जागरण संवाददाता, बोकारो: रामरुद्र प्लस टू उच्च विद्यालय चास की नंदिनी कुमारी ने तमाम बाधाओं के बीच संघर्ष की बुनियाद पर सफलता की इमारत खड़ी की। इसने झारखंड अधिविद्य परिषद् बारहवीं कामर्स संकाय की परीक्षा में 449 अंक हासिल कर बोकारो जिला में छठां स्थान हासिल किया। इसने अंग्रेजी में 93, अकाउंट्स में 97, बीएसटी में 89 व अर्थशास्त्र में 93, हिदी में 74 अंक हासिल किया। इसके पिता राम नगर कालोनी निवासी नंदलाल सिंह मजदूरी करते हैं। माता सुषमा देवी गृहिणी हैं। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती है। इसलिए कड़ी मेहनत कर रही है। नंदिनी ने कहा कि पिता की आय काफी कम है। कोरोना काल में परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन चुनौतियों का सामना करते हुए लक्ष्य की ओर कदम आगे बढ़ाया। पिता ने परेशानी देखते हुए आनलाइन शिक्षा के लिए बड़ी मुश्किल से एंड्रायड मोबाइल खरीदा। शिक्षकों का सहयोग मिला।

Edited By: Jagran