बोकारो: चास कॉलेज में तीन वर्ष से रेमेडियल क्लास का संचालन नहीं किया जा रहा है। इसलिए यहां अध्ययनरत शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को विशेष कक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। इससे इन्हें परेशानी हो रही है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से यूजीसी को रेमेडियल क्लास के संचालन को लेकर फंड मुहैया से संबंधित पत्र दिया गया है। लेकिन अब तक इस मद में कालेज को फंड मुहैया नहीं कराया जा सका है।

-क्या है योजना: यूजीसी की ओर से सत्र 2014-15 में रेमिडियल कक्षा के संचालन के लिए चास कॉलेज को फंड मुहैया कराया गया था। यहां 2016 तक विद्यार्थियों के लिए रेमिडियल क्लास का संचालन किया गया। रेमेडियल क्लास में विद्यार्थियों को विविध प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता का गुर बताया जाता है। जरुरत के हिसाब से बाहर से भी शिक्षाविद् को आमंत्रित किया जाता है। वे विद्यार्थियों की शंका का समाधान करते हैं। साथ ही इन्हें करियर के विकल्प के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। लेकिन चास कॉलेज में 2016 के बाद इस मद में फंड मुहैया नहीं कराया गया है। इसलिए यहां रेमेडियल क्लास का संचालन नहीं किया जा रहा है।

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वर्जन

कॉलेज में यूजीसी की ओर से रेमेडियल क्लास के संचालन को लेकर सत्र 2014-15 में राशि मुहैया कराई गई। यहां 2016 तक रेमेडियल क्लास का संचालन किया गया। विद्यार्थियों को कोर्स के अलावा विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराई गई। लेकिन फंड के अभाव में कक्षा का संचालन नहीं किया जा रहा है। इसके लिए यूजीसी को पत्र दिया गया है। फंड मिलने के पश्चात पुन: रेमेडियल क्लास का संचालन किया जाएगा।

डॉ. डीपी सिंह, प्राचार्य, चास कालेज

Posted By: Jagran

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