संवाद सहयोगी, जैनामोड़ : बोकारो दौरे के दूसरे दिन पूर्व सीएम रघुवर दास ने जैनामोड़ की खुंटरी पंचायत के आदिवासियों के साथ बैठक कर उन्हें ईसाई मिशनरियों से सचेत रहने की सलाह दी। इसी पंचायत में दुमका से झामुमो प्रत्याशी बसंत सोरेन का ससुराल भी है। यहां रघुवर ने कहा कि उनकी सरकार ने एक साथ 1500 आदिम जनजाति के लोगों को नौकरी दी। जो लोग आदिवासी के हिमायती बनते हैं, वह बताएं उनके राज में कितने आदिवासियों को नौकरी मिली। कहा कि आदिवासी के नाम पर आपकी जमीन, संस्कृति, नौकरी सबकुछ यह मिशन के लोग लूटने में लगे हुए हैं। धर्मातरण कानून लाने का एक ही मकसद था आदिवासी धर्म संस्कृति की रक्षा करना। हमारे सरना स्थल को हटाकर आदिवासी की जमीन पर चर्च बन रहा है। झामुमो के नाम पर मसीही समाज के लोग लूट मचा रहे हैं।

झामुमो ने विकास के नाम पर एक भी वादा पूरा नहीं किया। दुमका में एक हजार ट्रक पर चोरी का माल पकड़ाया, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। उग्रवादियों का मनोबल बढ़ गया है। कहा कि अब सिदो-कान्हू, भगवान बिरसा मुंडा नहीं आएंगे, अब आपको उनके बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। हमारी सरकार ने संथाली भाषा को प्राथमिकता दी। रेलवे स्टेशन पर भी संथाली भाषा में सूचना प्रसारित होती थी। अब उसके विधायक सांसद ओलचिकी लिपि का विरोध कर रहे हैं। पूर्व सीएम ने को झामुमो को झारखंड मुद्रा मोचन पार्टी बताया।

मौके पर पर संथाल परगना के सह प्रभारी रमेश हांसदा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अजजा लालचंद मरांडी, जिलाध्यक्ष आनंद मुर्मू, रोहित लाल सिह, जयनारायण मरांडी, अनिल मुर्मू, मंतोष सोरेन, रामलाल सोरेन, नंदकिशोर किस्कू, गोविद टुडू, राधानाथ मरांडी, राकेश प्रसाद, शंकर रजक, काशीनाथ सिह, शंकर कर्मकार आदि उपस्थित थे।

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