जागरण टीम, बेरमो : बोकारो व धनबाद जिले में स्थानीय भाषा की सूची में भोजपुरी, मगही व अंगिका को शामिल किए जाने के विरुद्ध जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है। नावाडीह में शुक्रवार को आक्रोश मार्च किया गया। बीडीओ व सीओ को ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका गया। आक्रोश मार्च में नावाडीह प्रखंड की बिरनी व भलमारा पंचायत के सैकड़ों युवा शामिल थे, जो विभिन्न गांव होते हुए मेनरोड पहुंचे तो प्रदर्शन किया। युवाओं ने मार्च निकाला। बीडीओ व सीओ को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो, गोमिया विधायक लंबोदर महतो, चंदनकियारी के विधायक अमर बाउरी एवं बोकारो विधायक बिरंची नारायण के नाम ज्ञापन सौंपा। आक्रोश मार्च का नेतृत्व समाजसेवी मुकेश कुमार महतो कर रहे थे। नावाडीह स्थित बिनोद बिहारी महतो स्टेडियम में जनसभा की गई, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया गया। बिरनी पंसस प्रतिनिधि सुभाष कुमार सोखा, वार्ड सदस्य नंदकिशोर तुरी, छात्र नेता राकेश महतो, लोकेश्वर महतो, बालेश्वर उर्फ मठू महतो, पंकज कुमार, चंदो कुमार, रंजीत तुरी, रंजीत कुमार, मनोज कुमार, मनीष कुमार, चंदन कुमार, हीरालाल पटेल, महेश कुमार, गोविद तुरी, संदीप कुमार, दिनेश किस्कू, पीतांबर कुमार आदि मौजूद थे।

झारखंडी भाषा संघर्ष समिति के सदस्यों ने निकाला जुलूस : गोमिया प्रखंड के ललपनिया में झारखंडी भाषा संघर्ष समिति महुआटांड़ के सदस्यों ने भोजपुरी व मगही को क्षेत्रीय भाषा बनाए जाने के खिलाफ जुलूस निकाला। मौके पर मदन महतो, विक्रम साव, बालमुकुंद प्रसाद, रवि केवट, गीता देवी, गौतम महतो, महेंद्र केवट, धनेश्वर महतो, रंजीत प्रजापति, चंदन कुमार महतो, राजेंद्र महतो, राहुल साव, तुलेश्वर महतो आदि उपस्थित थे।

ऊपरघाट क्षेत्र में चलाया गया जनजागरण अभियान :ऊपरघाट क्षेत्र में जनजागरण अभियान चलाया गया। दो फरवरी को नावाडीह में होने वाले चक्काजाम आंदोलन सफल बनाने को ऊपरघाट की सभी नौ पंचायतो में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।

Edited By: Jagran