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पति के लौटने की उम्मीद में 20 साल तक नहीं की दूसरी शादी, राजस्थान से बेरमो आए परशुराम तो छलक पड़े आंसू

Published: Fri, 21 Aug 2026 03:59 PM (IST)

बेरमो के गोविंदपुर बस्ती में परशुराम महतो 20 साल बाद राजस्थान के एक आश्रम से अपने घर लौटे, जिससे परिवार ...और पढ़ें

बेरमो में 20 साल बाद घर लौटे परशुराम, पत्नी ने फिर थामा हाथ।

बेरमो में 20 साल बाद घर लौटे परशुराम, पत्नी ने फिर थामा हाथ।

HighLights

  1. परशुराम 20 साल बाद राजस्थान के आश्रम से लौटे घर।

  2. पत्नी मालती देवी ने इतने वर्षों तक किया इंतजार, दोबारा शादी।

  3. गोमिया बीडीओ महादेव महतो ने घर वापसी में की मदद।

रजनीश प्रसाद, बेरमो। बेरमो प्रखंड के गोविंदपुर बस्ती में करीब 20 साल बाद एक परिवार की खुशियां लौट आईं। रोजगार की तलाश में घर से निकले परशुराम महतो वर्षों तक लापता रहे। लंबे इंतजार के बाद उनके राजस्थान के भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम में होने की जानकारी मिली। बोकारो थर्मल पुलिस की सूचना पर परिजन भरतपुर पहुंचे और परशुराम को सकुशल घर वापस ले आए।

पति को सामने देखकर पत्नी मालती देवी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। ग्रामीणों ने स्वागत किया और पति-पत्नी की दोबारा शादी भी कराई। परिजनों के अनुसार परशुराम करीब 24-25 वर्ष की उम्र में साथियों के साथ रोजगार के लिए मुंबई निकले थे।

रास्ते में शौचालय जाने की बात कहकर वे ट्रेन से मुंबई पहुंचने से तीन स्टेशन पहले ही उतर गए। इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। परिवार ने वर्षों तक हर संभव जगह खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

अगस्त 2025 से थे आश्रम में

अपना घर आश्रम, भरतपुर, राजस्थान के सचिव राम अवतार कोठारी ने बताया कि परशुराम को अगस्त 2025 में रेस्क्यू कर आश्रम लाया गया था। इससे पहले वे करौली (राजस्थान) के एक आश्रम में थे।

वह बीमार थे और वे अपने बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहे थे। उपचार और स्वस्थ होने के बाद काउंसलिंग में उन्होंने अपना पता बताया। इसके बाद गोमिया के बीडीओ महादेव कुमार महतो से संपर्क हुआ।

गोमिया बीडीओ महादेव महतो रहे सूत्रधार

महादेव कुमार महतो ने बताया कि आश्रम से फोन आने के बाद उन्होंने परशुराम को घर पहुंचाने का प्रयास शुरू किया। उन्होंने कथारा ओपी से संपर्क किया, जहां से बोकारो थर्मल थाना को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया। परिवार के छह सदस्य भरतपुर गए और परशुराम को लेकर घर लौटे।

20 साल पति का इंतजार करती रही मालती

पत्नी मालती देवी ने बताया कि कम उम्र में उनकी शादी परशुराम से हुई थी। शादी के छह साल बाद पति रोजगार के लिए निकले और फिर नहीं लौटे। परिजनों ने दूसरी शादी की सलाह दी, लेकिन उन्होंने इनकार कर पति का इंतजार किया।

उनकी कोई संतान भी नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक घुट-घुटकर जीवन बिताया और अब पति के लौटने की खुशी शब्दों में बयां नहीं कर सकतीं।

मां ने मंदिरों में मांगी थी मन्नत

70 वर्षीय मां रतनी देवी ने बताया कि बेटे के लौटने की उम्मीद में उन्होंने गिरिडीह जिला के सोना पहाड़ी मंदिर, बोकारो जिला के खूटा बाबा समेत कई मंदिरों में मन्नतें मांगीं। झाड़-फूंक करने वालों से भी जानकारी ली। उन्हें कहा गया था कि बेटा जीवित है और एक दिन जरूर लौटेगा। इसी उम्मीद में 20 वर्ष बीत गए।