- जलापूर्ति का जिम्मा नगर परिषद के अधीन होने के बाद भी स्थिति में नहीं सुधार, बारिश होने पर मटमैला पानी की जाती सप्लाई संवाद सहयोगी, फुसरो (बेरमो) : फुसरो शहर में इन दिनों पाइपलाइन से रॉ-वाटर सप्लाई कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां पूर्व में पेयजल-स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) की ओर से जलापूर्ति कराई जाती थी, लेकिन पिछले एक दशक से यह जिम्मा नगर परिषद ने ले लिया है। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो पाया। यहां पास स्थित दामोदर नदी तट में बने इंटेकवेल से स्थानीय नया रोड के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व टंकी के जरिये जलापूर्ति की जाती है। जब कभी भी बारिश होती है, तब मटमैला पानी घरों में सप्लाई की जाती है। इससे जाहिर हो जाता है किस तरह पानी को फिल्टर किया जाता होगा।स्थानीय लोगों का कहना है बिना फिल्टर किए ही सीधे तौर पर नदी का पानी सप्लाई करना नगर परिषद की फितरत बन गई है। भले ही उससे लोगों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़े, इसकी चिता संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को नहीं है। शुक्रवार को भी फुसरो बाजार क्षेत्र में मटमैला पानी आपूर्ति की गई। --नदी तट पर ही होता शवों का दाह संस्कार : जिस दामोदर नदी का पानी फुसरो शहर में सप्लाई की जाती है, उसके तट पर ही शवों का दाह संस्कार भी होता है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से इस क्षेत्र में इन दिनों मृत्यु दर काफी बढ़ गई है। लगभग हर दिन कोरोना संक्रमण के कारण लोगों की मृत्यु हो रही, जिनके शव का दाह संस्कार दामोदर नदी तट पर करके राख को जलधारा में प्रवाहित किया जाता है अथवा बारिश होने पर वह राख नदी में चली जाती है, जिसका दुष्प्रभाव लोगों की स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसके बावजूद नगर परिषद के अधिकारी व जनप्रतिनिधि यह ध्यान नहीं दे रहे कि नदी के पानी को अच्छी तरह फिल्टर कराकर ही सप्लाई की जाए। क्योंकि फुसरो शहर के अधिकतर लोग उसी सप्लाई पानी को नहाने-धोने के साथ ही पीने व खाना पकाने में भी उपयोग करते हैं। --इन वार्डों में की जाती पाइपलाइन से जलापूर्ति : यूं तो फुसरो नगर क्षेत्र में कुल 28 वार्ड हैं, लेकिन उनमें फिलहाल मात्र छह वार्ड में ही नगर परिषद की ओर से जलापूर्ति की जाती है। शेष 22 वार्डों की जलापूर्ति व्यवस्था सीसीएल के अधीन है। फुसरो शहर के जिन वार्डों में नगर परिषद की ओर से पानी सप्लाई की जाती है, उनमें वार्ड संख्या-15, 21, 22, 23, 25 व 26 शामिल हैं। हर वार्ड की आबादी लगभग तीन हजार है।उस अनुपात में उन वार्डों के लगभग 18 हजार लोग अनियमित जलापूर्ति का दंश झेलने के साथ ही रॉ-वाटर भी पीने को विवश हैं। - जल-कर में कर दी गई बारह गुना वृद्धि : फुसरो नगर परिषद के गठन के बाद जल-कर यानी पानी के टैक्स में बारह गुना वृद्धि कर दी गई। पूर्व में कनेक्शनधारियों को जहां मात्र 10 रुपये जल-कर के रूप में देने पड़ते थे, वहीं नगर परिषद गठन के बाद 120 रुपये प्रतिमाह चुकाने पड़ रहे हैं। नगर परिषद की जलापूर्ति के फिलहाल कुल 586 कनेक्शनधारी हैं, जिन्हें बारह गुना शुल्क देने के बावजूद नियमित रूप से पानी नहीं मिल पाता। वहीं, बारिश होने पर सीधे तौर पर नदी का प्रदूषित पानी पीना पड़ता है। बॉक्स फुसरो के निवासियों के वर्जन

फोटो : 07 बेरमो 08 में फिल्टर करने के लिए उचित मात्रा में चूना, फिटकरी व ब्लीचिग पाउडर नहीं डाले जाने के कारण फुसरो बाजार क्षेत्र के लोगों को प्रदूषित पानी पीना पड़ता है। हालांकि नगर परिषद के के कर्मचारी उचित मात्रा में वह मैटेरियल डालने का दम भरते हैं।

- शिवा प्रसाद, फुसरो बाजार

-------------------------------- फोटो : 07 बेरमो 09 में

फुसरो बाजार क्षेत्र में जो पानी नगर परिषद की ओर से सप्लाई की जाती है, वह अक्सर काफी गंदा रहता है। उस पानी को घर में फिटकरी डालकर साफ करने व उबालकर ठंडा करने के बाद ही लोग पी पाते हैं। जबकि जलकर नियमित रूप से लिया जाता है।

- दिनेश चंद्रा, बैंकमोड़ फुसरो

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फिलहाल कोरोनाकाल है। ऐसे में साफ-सफाई के प्रति अधिक ध्यान के साथ ही स्वच्छ व पूरी तरह परिष्कृत पानी पीने की आवश्यकता है। इसके विपरीत, इन दिनों फुसरो बाजार क्षेत्र में प्रदूषित पानी लोगों को पीने को विवश होना पड़ रहा है। ।

- मंजय गुप्ता, शास्त्रीनगर फुसरो

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नगर परिषद को इस कोरोनाकाल में फिल्टर पानी सप्लाई करना चाहिए, ताकि लोग स्वस्थ रह सकें। इसके बावजूद गंदा पानी लोगों को मिल रहा है, जिसे पीने से स्वास्थ्य को खतरा पहुंच सकता है। इस ओर नगर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।

- राजेश दत्ता, फुसरो बाजार

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फोटो : 07 बेरमो 12 में फुसरो नगर क्षेत्र में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल सप्लाई कराना जरूरी है। फिलहाल क्षेत्र में कोरोना का संक्रमण बढ़ा हुआ है। गंदा पानी पीने से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। नगर परिषद को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति करानी चाहिए।

- सतीश अड्डी, बैंकमोड़ फुसरो वर्जन फिल्टर प्लांट में एलम के रूप में चूना, फिटकरी व ब्लीचिग पाउडर की कमी नहीं होने दी जाती है। इसके बावजूद गंदा पानी सप्लाई किए जाने का क्या कारण है, उसे देखा जाएगा। साथ ही जलापूर्ति करने वाले कर्मचारियों से बात कर सुधार किया जाएगा, ताकि फुसरो बाजार क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया हो सके।

- राकेश कुमार सिंह, चेयरमैन, नगर परिषद फुसरो