संस, चापी (बेरमो) : बेरमो अनुमंडल विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा ने नौ सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को अनुमंडल कार्यालय तेनुघाट में प्रदर्शन किया। इस दौरान मोर्चा के लोगों ने अनुमंडल प्रशासन सहित सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। नेतृत्व कर रहे मोर्चा के अध्यक्ष अजहर अंसारी ने बताया कि सीसीएल की ओर से भूमि संबंधी लंबित मामलों को अनुमंडल न्यायालय के ट्रिब्यूनल में रखा गया है। इन लंबित मामलों के निष्पादन में अनुमंडल प्रशासन दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। कहा कि भूमि संबंधित लंबित मामले का निष्पादन नहीं होने से रैयत विस्थापित परिवारों को नियोजन एवं मुआवजा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

तेनुघाट बांध प्रमंडल की ओर से लालबांध एवं साड़म में अतिक्रमण रोधी अभियान के नाम पर विस्थापित परिवारों को उजाड़ा जा रहा है। विस्थापित परिवारों को पीएम आवास एवं रोजगार की गारंटी देने के पूर्व उन्हें सड़क पर लाना कहां तक न्यायोचित है। मौके पर वक्ताओं ने कहा कि टीटीपीएस के कनीय अभियंता सोहन चौधरी की आत्महत्या के मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग घटना के दिन से ही की जा रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन लगातार टालमटोल कर दोषियों को बचाने में लगा हुआ है। गोमिया क्षेत्र में ओएनजीसी के भूमि अधिग्रहण में बिचौलिया संस्कृति हावी है। कहा कि टीटीपीएस की उत्सर्जित छाई को सीधे तौर पर रैयतों की भूमि पर गिराकर भूमि को बर्बाद किया जा रहा है। अनुमंडल प्रशासन अगर इन मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करता है तो आंदोलन तेज होगा। बाद में मोर्चा के अध्यक्ष की अगुवाई में शिष्टमंडल ने एसडीएम के नाम ज्ञापन कार्यपालक दण्डाधिकारी टुडू दिलीप को सौंपा।

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