जागरण संवाददाता, बोकारो : यदि आप बोकारो हवाई अड्डे पर निजी हेलीकाप्टर या चार्टर प्लेन उतारना चाहते हैं तो इसके नियम से भी वाकिफ हो जाइए। चूंकि इस बात का संशय बना रहता है कि हवाई अड्डे का उपयोग केवल सरकारी कंपनी ही कर सकती है। ऐसा नहीं है, आप भी किसी निजी ऑपरेटर से किराए पर हेलीकाप्टर व चार्टर प्लेन लेकर उसे बोकारो हवाई अड्डे पर उतार सकते हैं। विशेष परिस्थिति में बड़े-बड़े अस्पतालों के एयर एंबुलेंस को भी यहां बुलाया जा सकता है। इसके लिए एक आवेदन देना होता है। इसके बाद उस आवेदन पर एयरपोर्ट प्रबंधन एयर स्ट्रीप का ब्योरा संबंधित पायलट को उपलब्ध करा देता है। बोकारो स्टील ने हवाई अड्डे के उपयोग के लिए शुल्क निर्धारित किया है। इसके तहत 5700 किलोग्राम तक के हेलीकाप्टर या चार्टर प्लेन का लैंडिग चार्ज 5 हजार रुपये है। साथ ही 18 प्रतिशत जीएसटी भी लगेगा। जबकि इससे अधिक वजन के हेलीकाप्टर व हवाई जहाज के लिए 7500 रुपये के साथ जीएसटी देना पड़ेगा। बदले में एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से सुरक्षा, फायर टेंडर तथा एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी।

इसके अतिरिक्त रात्रि में ठहराव के लिए छोटे हेलीकाप्टर का शुल्क 1500 तथा बड़े हवाई जहाज या हेलीकाप्टर का शुल्क 2000 रुपये प्रति रात्रि लगता है। यह शुल्क केवल निजी विमान कंपनियों, हेलीकाप्टर ऑपरेटर के लिए है। वायु सेना, झारखंड सरकार या भारत सरकार के किसी उपक्रम के हेलीकाप्टर व हवाई जहाज के लिए कोई शुल्क देय नहीं है।

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चुनाव में एयरपोर्ट प्रबंधन को हुई 50 हजार से अधिक की कमाई : बोकारो हवाई अड्डे पर चुनाव आचार संहिता के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के हेलीकाप्टर व हवाई जहाज की लैंडिग से बोकारो एयरपोर्ट को लगभग चालीस से 50 हजार रुपये की आमदनी हुई है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव से मतलब नहीं है। यह नियम पूरे वर्ष के लिए है जब भी कोई निजी कंपनी का विमान या हेलीकाप्टर लैंड करता है तो उसे यह शुल्क पहले या उतरने के बाद भरना होता है। हालांकि इस हवाई अड्डे पर नाइट लैंडिग की व्यवस्था नहीं है।

Posted By: Jagran

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