यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जरीडीह थाना पुलिस ने नालंदा से दो साइबर ठगों को दबोचा
संवाद सहयोगीजैनामोड़ / जरीडीह जरीडीह थाने में दर्ज साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

संवाद सहयोगी,जैनामोड़ / जरीडीह:
जरीडीह थाने में दर्ज साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सेवानिवृत्त अमीन भगवान चौधरी के खाते 15 लाख रुपये की निकासी के मामले को उजागर करते हुए तीन साइबर अपराधियों में दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जरीडीह थाना प्रभारी विनय कुमार ने रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरीडीह अंचल के पूर्व सरकारी अमीन भगवान चौधरी के खाते से विगत 12 मई को एसबीआइ बोकारो शाखा से साइबर अपराधियों ने खाताधारक का मोबाइल नंबर को पोर्ट करवाकर फर्जी तरीके से पेटीएम बनाकर रुपयों की निकासी कर ली थी। उन्होंने बताया कि बिहार शरीफ के नालंदा से छापामार दल ने साइबर एक्सपर्ट के सहयोग से अभियुक्त दीपक कुमार एवं चंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त दीपक कुमार ने पूछताछ में स्वीकार किया कि एनजीओ चलाने वाले कमलाकांत को उसने अपने नाम से 10-15 सिम खरीद कर दिए हैं। कमलकांत ने ही पेटीएम अकाउंट बनाकर फर्जी तरीके से 15 लाख की निकासी की है। यह रुपये चंदन के सीएसपी में फोन-पे के क्यूआर कोड से नकद पैसा लिये। सीएसपी संचालक चंदन को 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। शेष पैसे को कमलाकांत के साथ आधा-आधा बांट लेते थे। दीपक को क्यूआर कोड एवं अन्य माध्यम से कई बार नकद पैसा दिया गया है, जिसके एवज में 20 प्रतिशत काट कर भुगतान करते थे। साथ ही, इनके इनके भाई सुमितनंदन के अकाउंट में भी करीब 50 हजार रुपये ट्रांसफर हुआ है। छापेमारी दल में जरीडीह थाना प्रभारी विनय कुमार, अनुसंधानकर्ता एसआइ कार्तिक पहान, एसआइ डीन सिंह एवं साइबर थाना के विशेषज्ञ चंदन भारती शामिल थे।
