जागरण संवाददाता, बोकारो: रांची में रेमडेसिविर इजेंक्शन की कालाबाजारी की बात सामने आने के बाद से राज्य स्तर पर जांच चल रही है। इस कड़ी में नगर के तीन अस्पताल देवांश मल्टी स्पेशियलिटी चास, सिटी केयर चास तथा वेलमार्क अस्पताल नयामोड़ पर अलग-अलग धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। इधर, पुलिस अधीक्षक चंदन झा के निर्देशानुसार मुख्यालय डीएसपी मुकेश कुमार ने मंगलवार से रेमडेसिविर इंजेक्शन गड़बड़ी मामले की जांच शुरू कर दी। इसे लेकर डीएसपी चास के देवांश मल्टी स्पेशियलिटी और सिटी केयर अस्पताल पहुंचकर कागजातों की जांच की। इस दौरान अस्पताल का कोई भी जिम्मेदार पदाधिकारी की अनुपस्थिति पर रेमडेसिविर मामले से संबंधित जरूरी कागजातों को जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। डीएसपी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। कागजातों के आधार पर जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपी जाएगी। बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान मरीजों को लूटने वाले अस्पताल प्रबंधकों के खिलाफ तीन स्तर पर जांच चल रही है। एक जांच स्वास्थ्य महकमा कर रहा है तो दूसरा जांच सरकार का अपराध अनुसंधान विभाग। वहीं, तीसरी जांच खुफिया शाखा द्वारा की जा रही है। बता दें कि कोरोना काल में इन अस्पतालों पर रेमडेसिविर इंजेक्शन में गड़बड़ी का मामला उठा था। ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा जांच में यह मामला उजागर हुआ था। इसमें चास का देवांश हास्पिटल, सिटी केयर हास्पिटल और बोकारो वेलमार्क अस्पताल का नाम आया था। इन अस्पतालों के खिलाफ तीन अलग-अलग थानों में मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल, जांच शुरू होने के बाद निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

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