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बोकारो में हाथियों का आतंक, कार सवार युवक को कुचलकर मार डाला

By Jitendra Agrawal Edited By: Mritunjay Pathak
Published: Mon, 19 Jan 2026 05:30 PM (GMT+05:30)

Bokaro Elephant Attack: बोकारो के गोमिया प्रखंड में हाथियों के झुंड ने 30 वर्षीय सब्जी व्यापारी रविंद्र कुमार दागी को ...और पढ़ें

हाथी ने सब्जी बिक्रेता को कार से खींच कर मार डाला। (प्रतीकात्मक फोटो)

हाथी ने सब्जी बिक्रेता को कार से खींच कर मार डाला। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. बोकारो में हाथियों ने सब्जी व्यापारी रविंद्र दागी को मार डाला।

  2. हाथियों ने वाहन से खींचकर युवक की जान ली, वाहन क्षतिग्रस्त।

  3. वन विभाग ने 25 हजार की सहायता दी, ग्रामीण स्थायी समाधान मांग रहे।

जागरण संवाददाता, ललपनिया (बेरमो)। झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत कंडेर पंचायत के सिमराबेडा गांव स्थित महतो टोला के पास रविवार देर रात हाथियों के झुंड ने एक युवक की जान ले ली। मृतक की पहचान 30 वर्षीय रविंद्र कुमार दागी के रूप में हुई है। वह रामगढ़ जिले के मुरमकला पंचायत निवासी लखीचरण महतो का पुत्र था और पेशे से सब्जी व्यापारी था।

रविंद्र कंडेर पंचायत के परसाबेड़ा गांव में जमीन लीज पर लेकर सब्जी व फल की खेती करता था। रविवार रात वह प्रतिदिन की तरह रामगढ़ से अपनी मारुति ओमनी वाहन से कंडेर की ओर आ रहा था। इसी दौरान सिमराबेडा के महतो टोला के समीप पहले से विचरण कर रहे हाथियों के झुंड ने उसकी गाड़ी को घेर लिया। हाथियों ने उसे वाहन से खींचकर बाहर निकाला और पास के खेत में ले जाकर सूंड़ से पटक दिया, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

वाहन क्षतिग्रस्त, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हाथियों के हमले में मारुति ओमनी वाहन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सोमवार सुबह वन विभाग के प्रभारी वनपाल नित्यचंद महतो, वनरक्षी केसरीनंदन, कंडेर पंचायत की मुखिया भानु कुमारी मोदी सहित अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। महुआटांड पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट भेज दिया।

वन विभाग की ओर से मृतक के आश्रितों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इधर, युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और स्थायी समाधान की मांग की है।

महीनों से हाथियों का आतंक, ग्रामीण दहशत में

स्थानीय लोगों ने बताया कि कंडेर पंचायत और आसपास के इलाकों में बीते कई महीनों से हाथियों का आतंक बना हुआ है, लेकिन वन विभाग उन्हें खदेड़ने में अब तक नाकाम रहा है। शाम ढलते ही ग्रामीण दहशत के साये में रहने को मजबूर हैं। महतो टोला के संदीप मरांडी, चरकू सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि रविवार रात जब कुत्ते जोर-जोर से भौंकने लगे तो हाथियों के आने की आशंका हुई थी।

ग्रामीणों ने रात में इस सड़क से गुजरने वाले कई लोगों को आगे जाने से रोका था। रविंद्र दागी को भी आगे जाने से मना किया गया, लेकिन वह नहीं रुका। परिणामस्वरूप वह हाथियों के हमले का शिकार हो गया। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के स्थायी समाधान और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।