जैनामोड़ : जैनामोड़ ग्रामीण जलापूर्ति योजना में तकनीकी खराबी से यहां एक बार फिर जलसंकट गहरा गया है। पांच दिन से क्षेत्र की दस पंचायतों को पानी नहीं मिल रहा है, जिससे हजारों की आबादी के समक्ष पानी की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। लोगों को पेयजल के लिए दर-बदर भटकना पड़ रहा है। दरअसल, तुपकाडीह तेनु-बोकारो नहर स्थित पंप हाउस का स्टार्टर खराब हो गया है। बता दें कि, जब से फेज-टू जलापूर्ति योजना आई है, तब से फेज-वन से जलापूर्ति भी अपने लक्ष्य से भटक गया है। फिलहाल, फेज-टू योजना का संचालन पर ग्रहण लग गया है। फेज-टू योजना निर्माण की समयावधि समाप्त होने के बाद भी योजना निर्माणाधीन पड़ा हुआ है। जबकि विधानसभा प्राक्कलन समिति भी योजना स्थल का निरीक्षण कर संवेदक को फटकार लगाते हुए अविलंब चालू करने की हिदायत भी दे चुका है। फिर भी, स्थिति जस की तस है। इस संबंध में पेयजलापूर्ति योजना संचालन का रहे लाभुक समिति के अध्यक्ष अमर मिश्रा ने बताया कि पेयजलापूर्ति को लेकर प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द योजना के संचालन में आई तकनीकी खराबी को दूर कर लिया जाएगा।

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क्या कहते हैं स्थानीय लोग : जैनामोड़ निवासी छोटू सिंह ने कहा कि पिछले पांच दिनों से जलापूर्ति ठप है, लेकिन इसकी चिता न तो अधिकारियों को है और न हीं जनप्रतिनिधियों को। ऐसे में पेयजल के लिए लोग इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। तुपकाडीह निवासी रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि अधिकारियों को जनता की चिता नहीं है। यही कारण है कि पांच दिनों से जलापूर्ति ठप होने के बावजूद अबतक इस ओर अधिकारियों का ध्यान नहीं गया है। खुंटरी निवासी मिथिलेश हेम्ब्रम ने कहा कि पानी और बिजली शहर की बुनियादी जरूरत है। लेकिन, बुनियादी समस्या के समाधान के लिए कभी भी सार्थक प्रयास नहीं किया जाता है। बांधडीह निवासी रीतेश कुमार ने कहा कि जलापूर्ति ठप रहने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Edited By: Jagran