बेरमो : केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि झारखंड की आर्थिक प्रगति में कोल बेड मिथेन गैस मील का पत्थर साबित होगी। निर्माण क्षेत्र, रोजगार, घरेलू व व्यावसायिक उपयोग में वैकल्पिक ईंधन के रूप में इसका उपयोग होगा। झरिया, नार्थ कर्णपुरा और गोमिया में 6500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर ओएनजीसी का काम चल रहा है। झरिया में इसका उत्पादन और विपणन शुरू कर दिया गया है। इस वर्ष के जुलाई-अगस्त तक गोमिया के 30 गैस कुओं से मिथेन गैस का व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। प्रथम फेज में प्रतिदिन यहां 10,000 घन मीटर गैस का उत्पादन होगा। परियोजना पूरी होने पर 7.5 लाख घनमीटर का लक्ष्य गोमिया के लिए रखा गया है। केंद्रीय मंत्री गोमिया प्रखंड के सियारी और खुदगड्डा में ओएनजीसी के कोल बेड मिथेन गैस दोहन और संग्रह केंद्र के शिलान्यास के बाद रविवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे।

मंत्री ने कहा कि मिथेन गैस से झारखंड में ईंधन की जरूरत पूरी हो जाएगी। निर्माण क्षेत्र खास कर स्टील मैन्यूफैक्च¨रग सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। प्रदूषण रहित सीएनजी वाहनों का परिचालन बढेगा। गोमिया में 141 गैस कुओं के लिए 1138 करोड़ रुपये की स्थाई परिसंपत्ति सहित 2800 करोड़ रुपये का ऑपरे¨टग कॉस्ट निर्धारित है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झारखंड में 269 गैस कुओं से प्रतिदिन 16 लाख घनमीटर मिथेन गैस के व्यावसायिक उत्पादन का लक्ष्य है। झरिया में 60, नार्थ कर्णपुरा हजारीबाग में 68 और गोमिया में 141 कुओं से गैस निकालने की योजना है।

शिलान्यास कार्यक्रम में गिरिडीह सांसद रवींद्र कुमार पांडेय, बेरमो विधायक योगेश्वर महतो बाटुल, ओएनजीसी के सीएमडी शशि शेखर, निदेशक वीपी महावर, एनसी पांडेय, आनंद मोहन, मुधकर मोहन, उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बर्णवाल, एसपी कार्तिक एस, एसडीएम प्रेमरंजन आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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