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CISF संभालेगी CCL के मगध और आम्रपाली खदानों की सुरक्षा, डीआईजी सहित 1676 अधिकारी व जवान लगेंगे

Published: Sun, 20 Sep 2026 05:38 PM (IST)

सीसीएल के मगध और आम्रपाली कोयला खदानों की सुरक्षा अब सीआईएसएफ संभालेगी। इसके लिए सीसीएल सीएमडी और CISF महानिदेशक के ...और पढ़ें

सीसीएल के सीएमडी व सीआईएसएफ महानिदेशक के बीच हुआ करार।

सीसीएल के सीएमडी व सीआईएसएफ महानिदेशक के बीच हुआ करार।

HighLights

  1. सीसीएल के मगध व आम्रपाली खदानों की सुरक्षा सीआईएसएफ के जिम्मे।

  2. सीएमडी और महानिदेशक के बीच सुरक्षा करार पर हस्ताक्षर हुए।

  3. कुल 1,676 अधिकारी व जवान खदानों में तैनात होंगे।

जागरण संवाददाता, बोकारो। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल झारखंड के चतरा जिले में दो नए इकाई को सृजित कर रही है। इनमें सीसीएल प्रबंधन का मगध व आम्रपाली परियोजना खदान शामिल है।

इस बाबत सेंट्रल कोल्ड फील्ड लिमिटेड के सीएमडी निलेन्दु कुमार सिंह तथा सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन के बीच हुए करारनामा में नए इकाई के सृजन से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। पहले चरण में इन इकाई में लगभग 200 जवान व अधिकारियों की तैनाती की जा रही है।

इसके बाद क्रमवार तरीके से यहां अन्य अधिकारी व जवानों को भी ड्यूटी पर लगाया जाएगा। सीसीएल प्रबंधन की ओर से खदान की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ कर्मियों के ऊपर होने वाले वित्तीय खर्च के राशि भुगतान की मंजूरी दे दी गई है।

इन दोनों महत्वपूर्ण कोयला परियोजना के सीआईएसएफ सुरक्षा ढांचे में शामिल होने के साथ मगध व आम्रपाली खदान की सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी। बता दे की सीआइएसएफ झारखंड में सेल, बीसीसीएल, सीसीएल, एनटीपीसी, बीटीपीएस, माइंस, एयरपोर्ट सहित कई महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा को संभाल रही है।

डीआईजी सहित 1,676 अधिकारी व जवान होंगे तैनात

सीसीएल के मगध व आम्रपाली परियोजना की कोयला खदान की सुरक्षा के लिए यहां सीआईएसएफ के कुल 1,676 पद सृजित किये गए है। इनमें डीआईजी के 1 पद के अलावा, कमांडेंट के 1, उप कमांडेंट के 3, सहायक कमांडेंट के 7, इंस्पेक्टर के 63, सब इंस्पेक्टर के 77, एएसआई के 535, हेड कांस्टेबल के 765, कांस्टेबल के 144 तथा चतुर्थवर्गीय पद पर 46 कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा।

इससे पूर्व सीआईएसएफ के डीजी ने सीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों संग आंतरिक बैठक कर जीरो कोल लीकेज पॉलिसी के तहत विभिन्न खदानों के परिचालन की तैयारियां तथा एमएएमडीआर अधिनियम के कार्यान्वयन की समीक्षा की।

बैठक में सरकारी संपत्ति की प्रभावी निगरानी, खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाई, अवैध खनन व चोरी की रोकथाम तथा अंतर एजेंसी समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया। उन्होंने पूर्वी खंड रांची के अधीन संचालित सीआईएसएफ के डॉग ट्रेनिंग स्कूल में जाकर श्वान दस्ते के प्रशिक्षण कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली।

जहां ट्रेनिंग स्कूल के श्वान ने महानिदेशक से हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया। मौके पर सीसीएल के निदेशक कार्मिक हर्ष नाथ मिश्रा, निदेशक वित्त पवन कुमार, सीआईएसएफ की एजीडी नॉर्थ विनीता ठाकुर, पूर्वी खंड रांची के आईजी प्रबोध चंद्रा आदि उपस्थित थे।