झारखंड में कोयला चोरी रोकने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, CISF को मिली खुली छूट
केंद्र सरकार ने झारखंड में अवैध कोयला खनन और तस्करी पर सख्त रुख अपनाते हुए सुरक्षा एजेंसियों और कोयला अधिकारियों को नए कानूनी अधिकार दिए हैं।

धनबाद में कोयले की सुरक्षा में तैनात CISF।(फाइल फोटो)
HighLights
केंद्र ने अवैध कोयला खनन पर सुरक्षा एजेंसियों को दिए नए अधिकार।
पिछले तीन वर्षों में 1,499 छापे, 26,740 टन कोयला जब्त।
सेल की तासरा परियोजना में अवैध खनन की कोई घटना नहीं।
जागरण संवाददाता, बोकारो। झारखंड में अवैध कोयला खनन और तस्करी पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए सुरक्षा एजेंसियों और कोयला कंपनियों के अधिकारियों को व्यापक कानूनी अधिकार दिए हैं।
लोकसभा में सांसद नलिन सोरेन के प्रश्न के उत्तर में कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने स्पष्ट किया कि सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की धनबाद स्थित तासरा ओपन कास्ट परियोजना (ओसीपी) से अवैध खनन या कोयला तस्करी की किसी घटना की सूचना नहीं मिली है।
क्योंकि तासरा परियोजना भविष्य में सेल के इस्पात संयंत्रों, विशेषकर बोकारो स्टील प्लांट, के लिए कोयला आपूर्ति की दृष्टि से अहम परियोजनाओं में शामिल है। सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ सीआईएसएफ, कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों के अधिकारियों को नई शक्तियां देकर निगरानी और कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है।
लोकसभा में दिए गए उत्तर में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि सेल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार धनबाद जिले के सिंदरी-तासरा स्थित तासरा ओपन कास्ट परियोजना में अवैध खनन अथवा कोयला तस्करी की कोई घटना सामने नहीं आई है।
यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब झारखंड में अवैध खनन को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। तासरा परियोजना सेल की महत्वपूर्ण कोयला परियोजनाओं में गिनी जाती है और भविष्य में बोकारो स्टील प्लांट सहित सेल की इकाइयों के लिए ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने में इसकी अहम भूमिका मानी जाती है।
तीन वर्षों में 1,499 छापे, 26 हजार टन से अधिक कोयला जब्त : सरकार ने लोकसभा में बताया कि धनबाद में पिछले तीन वर्षों के दौरान सीआईएसएफ की निगरानी में अवैध खनन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया।
वर्ष 2024 में 499 छापे मारकर 337 अवैध खनन स्थलों को बंद कराया गया, 50 स्टेशन डायरी प्रविष्टियां दर्ज हुईं, 13 गिरफ्तारियां हुईं और 9,505.06 टन कोयला जब्त किया गया। वर्ष 2025 में 675 छापों के दौरान 477 अवैध स्थलों को बंद कराया गया, 18 दैनिक डायरी प्रविष्टियां और एक एफआईआर दर्ज हुई, 13 गिरफ्तारियां हुईं तथा 12,562.10 टन कोयला जब्त किया गया।
वर्ष 2026 में अब तक 325 छापे, 294 अवैध स्थलों को बंद कराने, 12 स्टेशन डायरी प्रविष्टियों, एमएमडीआर अधिनियम के तहत सात शिकायतों, छह गिरफ्तारियों और 4,673.15 टन कोयला जब्त करने की कार्रवाई की गई है। तीन वर्षों में कुल 1,499 छापे, 1,108 अवैध खनन स्थलों को बंद, 32 गिरफ्तारियां तथा 26,740.31 टन अवैध कोयला जब्त किया गया।
कोयला अधिकारियों को मिले नए अधिकार
केंद्र सरकार ने बताया कि अवैध खनन और कोयला चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नवंबर 2025 और जुलाई 2026 में जारी अधिसूचनाओं के माध्यम से कोल इंडिया, उसकी सहायक कंपनियों और सीआईएसएफ के नामित अधिकारियों को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत तलाशी, निरीक्षण, अपराध का संज्ञान लेने तथा अवैध गतिविधियों में प्रयुक्त उपकरण, वाहन और अन्य सामग्री जब्त करने की शक्तियां प्रदान की गई हैं।
इसके अलावा कोयला मंत्रालय की अध्यक्षता में अंतर-मंत्रालयी समन्वय समिति का गठन किया गया है, जिसमें गृह मंत्रालय, खान मंत्रालय, सीआईएल, सीआईएसएफ, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में टास्क फोर्स नियमित बैठक कर संयुक्त कार्रवाई कर रही है।
सरकार ने ड्रोन निगरानी, एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी), वाहन ट्रैकिंग प्रणाली, संयुक्त सुरक्षा चौकियां, परित्यक्त खदानों की कंक्रीट सीलिंग, कोयला डंपों की चौबीसों घंटे सुरक्षा, ईआईए और पर्यावरण प्रबंधन योजना, नियमित मॉक ड्रिल तथा आधुनिक सुरक्षा अवसंरचना जैसे कई उपाय लागू किए हैं। इन कदमों का उद्देश्य अवैध खनन, कोयला चोरी, पर्यावरणीय क्षति और जान-माल के नुकसान पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
