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SIR: बोकारो मतदाता सूची में बड़ा बदलाव, लाखों नाम खतरे में, सुनवाई 24 अगस्त से

Published: Thu, 13 Aug 2026 09:16 PM (IST)

बोकारो में गहन मतदाता पुनरीक्षण के तहत 4.01 लाख मतदाताओं पर नाम कटने का खतरा है, जिसमें 3.29 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं।

मतदाता सूची में अपना नाम देखता वोटर। (प्रतीकात्मक फोटो)

मतदाता सूची में अपना नाम देखता वोटर। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. बोकारो में 4.01 लाख मतदाताओं के नाम पर खतरा मंडरा रहा है।

  2. 3.29 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर, 4 सितंबर तक फॉर्म-6 भरें।

  3. अनमैप्ड और विसंगति वाले मतदाताओं की सुनवाई 24 अगस्त से शुरू।

जागरण संवाददाता, बोकारो। गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत बोकारो जिले की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। जिले के कुल 15,35,267 मतदाताओं में से 4,01,234 मतदाताओं के नाम को लेकर अब विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

इनमें 3,29,767 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं, जबकि 71,467 मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में मौजूद है, लेकिन उनका पूर्व मतदाता विवरण से मिलान यानी मैपिंग नहीं हो पाया है। इसके अतिरिक्त 2,07,544 मतदाताओं के नाम अथवा विवरण में विसंगति पाई गई है।

निर्वाचन प्रक्रिया के अगले चरण में इन सभी श्रेणियों के मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए 24 अगस्त से सुनवाई शुरू होगी। ऐसे में जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, जिनका नाम अनमैप्ड है अथवा जिनके विवरण में विसंगति है, उन्हें निर्धारित समय सीमा में आवश्यक कार्रवाई करना बेहद जरूरी होगा।

ड्राफ्ट सूची से नाम बाहर होने का अर्थ यह नहीं है कि मतदाता का नाम अंतिम रूप से हमेशा के लिए समाप्त हो गया है। पात्र मतदाता निर्धारित अवधि में फार्म-6 के माध्यम से दावा कर सकते हैं। वहीं अनमैप्ड और विसंगति वाले मतदाताओं को सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज और अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।

3.29 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर, फार्म-6 ही सहारा

गहन मतदाता पुनरीक्षण के दौरान जिले में 3,29,767 मतदाता ऐसे मिले हैं, जिनके फार्म उपलब्ध नहीं हो सके और वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। इनमें मृत, स्थानांतरित तथा विभिन्न कारणों से उपलब्ध नहीं हो सके मतदाता शामिल हैं।

विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो गोमिया विधानसभा क्षेत्र में 39,044, बेरमो में 56,031, बोकारो में 2,02,651 तथा चंदनकियारी में 32,041 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए हैं। इस श्रेणी में शामिल मतदाताओं के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण अवसर फार्म-6 भरने का है।

ऐसे मतदाता चार सितंबर तक फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का दावा कर सकते हैं। निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा स्वीकार होने पर उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।

इसलिए जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, उन्हें अंतिम सूची प्रकाशित होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते फार्म-6 भरने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

71,467 अनमैप्ड मतदाताओं को साबित करनी होगी पात्रता

ड्राफ्ट सूची में नाम, लेकिन मैपिंग अधूरी : जिले में 71,467 मतदाता ऐसे हैं, जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में तो है, लेकिन उनका पूर्व मतदाता विवरण से मैपिंग नहीं हो पाई है। विधानसभा क्षेत्रवार इनमें गोमिया के 6,257, बेरमो के 17,725, बोकारो के 41,560 और चंदनकियारी के 5,925 मतदाता शामिल हैं।

इन मतदाताओं को निर्धारित सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा तय कागजात प्रस्तुत कर अपनी मैपिंग पूरी करानी होगी। कागजात के माध्यम से उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि वे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की पात्रता रखते हैं और उनका पूर्व मतदाता विवरण सही है।

24 अगस्त से होने वाली सुनवाई में यदि अनमैप्ड मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनके नाम पर भी अंतिम मतदाता सूची में बने रहने को लेकर सवाल खड़ा हो सकता है। इसलिए ऐसे मतदाताओं के लिए यह प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

उन्हें अपने स्तर से पहले ही आवश्यक कागजात तैयार रखने होंगे, ताकि सुनवाई के दौरान अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके।

2.07 लाख नामों में विसंगति, सुनवाई में देना होगा जवाब

पुनरीक्षण के दौरान जिले के 2,07,544 मतदाताओं के नाम अथवा मतदाता विवरण में विसंगति सामने आई है। इन मतदाताओं को भी 24 अगस्त से शुरू होने वाली सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।

विसंगति वाले मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आवश्यक प्रमाण और दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने नाम व विवरण की वास्तविकता स्पष्ट करनी होगी। सुनवाई के बाद ही संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई तय होगी। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।

ऐसे में मतदाताओं को इसे महज औपचारिकता नहीं समझना चाहिए। जिनका नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर है, वे चार सितंबर तक फार्म-6 भरें; जिनका नाम अनमैप्ड है, वे निर्धारित कागजात के साथ मैपिंग कराएं और जिनके नाम में विसंगति है, वे सुनवाई में पहुंचकर अपना पक्ष रखें। समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करने पर अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल होने में परेशानी हो सकती है।

अनमैप्ड मतदाताओं को देना होगा प्रमाण, दस्तावेज जरूरी

अनमैप्ड मतदाताओं को सुनवाई के दौरान अपने और माता-पिता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर मैपिंग का आधार स्पष्ट करना होगा। इसके लिए 2003 की पिछली मतदाता सूची की प्रमाणित प्रति सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मानी गई है।

इसके अलावा सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र, 1 जुलाई 1987 से पहले भारत सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, बैंक, डाकघर, एलआइसी या सार्वजनिक उपक्रम द्वारा जारी दस्तावेज, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर और जमीन या मकान आवंटन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

आधार को पहचान के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा, नागरिकता के प्रमाण के रूप में नहीं। नए मतदाता के रूप में नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 के साथ जन्मतिथि और निवास का प्रमाण देना होगा। जन्मतिथि के लिए जन्म प्रमाणपत्र, आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, दसवीं या बारहवीं का प्रमाणपत्र अथवा भारतीय पासपोर्ट में से कोई एक दस्तावेज लगाया जा सकता है।

निवास प्रमाण के लिए कम से कम एक वर्ष पुराना बिजली, पानी या गैस बिल, आधार, बैंक या डाकघर की पासबुक, पासपोर्ट, जमीन संबंधी अभिलेख, पंजीकृत किरायानामा अथवा मकान की पंजीकृत बिक्री विलेख प्रस्तुत किया जा सके।

विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति

विधानसभा क्षेत्र कुल मतदाता अनमैप्ड मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर
34-गोमिया 3,19,737 6,257 39,044
35-बेरमो 3,31,728 17,725 56,031
36-बोकारो 5,97,439 41,560 2,02,651
37-चंदनकियारी 2,86,363 5,925 32,041
कुल 15,35,267 71,467 3,29,767