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SIR in Bokaro: दो लाख से अधिक मतदाता प्रक्रिया से बाहर, नाम कटने से बचाने को अब सिर्फ पांच दिन शेष

Published: Sat, 25 Jul 2026 03:44 PM (IST)

Bokaro News: विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR-2026) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने/सुधारने की प्रक्रिया में दो लाख से ...और पढ़ें

बोकारो में SIR के दाैरान मतदाताओं से प्राप्त की जा रही जानकारी। (प्रतीकात्मक फोटो)

बोकारो में SIR के दाैरान मतदाताओं से प्राप्त की जा रही जानकारी। (प्रतीकात्मक फोटो)

जागरण संवाददाता, बोकारो। अगर आप अब भी यह सोचकर बैठे हैं कि बीएलओ आपके घर आएंगे और तभी गणना प्रपत्र भरेंगे, तो यह इंतजार आपके मतदान अधिकार पर भारी पड़ सकता है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) अभियान समाप्त होने में अब केवल पांच दिन शेष हैं।

इसके बावजूद बोकारो जिले में बड़ी संख्या में मतदाता अब भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। 24 जुलाई की अपराह्न रिपोर्ट के अनुसार जिले के 15,35,267 पंजीकृत मतदाताओं में से 14,66,048 मतदाताओं तक गणना प्रपत्र (ईएफ) पहुंचाने का दावा किया गया है, जबकि 11,45,701 प्रपत्रों का ही डिजिटाइजेशन हो सका है।

बोकारो जिले में अभी भी 2,33,220 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन लंबित है। यदि समय रहते प्रपत्र जमा नहीं हुए या मतदाता सूची में दर्ज त्रुटियों का सुधार नहीं कराया गया तो अंतिम प्रकाशन के समय अनेक पात्र मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। निर्वाचन विभाग ने भी अंतिम चरण में अभियान को मिशन मोड में चलाने का निर्देश दिया है।

बोकारो में हर मतदान केंद्र से 100 मतदाता प्रक्रिया से बाहर

जिले की चारों विधानसभा सीटों में सबसे चिंताजनक स्थिति बोकारो विधानसभा क्षेत्र की है। यहां कुल 5,97,439 मतदाताओं के मुकाबले 5,29,109 गणना प्रपत्र वितरित किए जाने का दावा किया गया है, लेकिन अब तक केवल 3,61,131 प्रपत्रों का ही डिजिटाइजेशन हो पाया है।

बोकारो में मात्र 60.45 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जो जिले में सबसे कम है। 1,60,353 वितरित प्रपत्र अब भी डिजिटाइजेशन की प्रतीक्षा में हैं, जबकि लगभग 68 हजार मतदाताओं तक प्रपत्र पहुंच ही नहीं सके हैं। कुल मिलाकर करीब 2.30 लाख मतदाता अभी भी पूरी प्रक्रिया से बाहर हैं।

यदि जिले के 463 मतदान केंद्रों के हिसाब से देखा जाए तो औसतन प्रत्येक मतदान केंद्र पर लगभग 500 मतदाताओं का कार्य अधूरा है। यही कारण है कि प्रशासन ने इस विधानसभा क्षेत्र में अतिरिक्त कंप्यूटर ऑपरेटर और मानवबल लगाने का निर्णय लिया है।

दूसरी ओर गोमिया विधानसभा ने 86 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि चंदनक्यारी 85.37 प्रतिशत और बेरमो लगभग 79.90 प्रतिशत उपलब्धि के साथ आगे हैं।

मतदाता और राजनीतिक दलों की निष्क्रियता भी बनी वजह

मैदान में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि कई बीएलओ ने बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं की रिपोर्ट भेजी है जिनसे गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके। कई घरों में लोग नहीं मिले, कुछ परिवार बाहर चले गए तो कई मतदाताओं ने समय पर फॉर्म ही जमा नहीं किया।

हालांकि इसके लिए केवल बीएलओ को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। बड़ी संख्या में मतदाता भी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को लेकर उदासीन बने हुए हैं। राजनीतिक दलों की भूमिका भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिख रही है।

एसआईआर अभियान की शुरुआत में सभी प्रमुख दलों ने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने में काफी सक्रियता दिखाई थी, लेकिन अब अधिकांश मतदान केंद्रों पर किसी भी दल का बीएलए नजर नहीं आ रहा है। यदि राजनीतिक दल और मतदाता दोनों अंतिम पांच दिनों में सक्रिय नहीं हुए तो कई पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल होने से छूट सकते हैं।

SIR एक नजर में

कुल मतदाता : 15,35,267
वितरित गणना प्रपत्र : 14,66,048
डिजिटाइज्ड प्रपत्र : 11,45,701
लंबित डिजिटाइजेशन : 2,33,220
कुल विसंगतियां : 1,96,280
सर्वाधिक डिजिटाइजेशन : गोमिया 86 प्रतिशत
सबसे कम डिजिटाइजेशन : बोकारो (60.45 प्रतिशत