Bokaro Treasury Scam: एसपी कार्यालय के अकाउंटेंट ने सिर्फ पत्नी ही नहीं मां के खातों में भी भेजे करोड़ों रुपये
Bokaro Treasury Scamः एसपी कार्यालय के पूर्व अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडेय ने रिमांड पर बताया कि वह सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के ...और पढ़ें

बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय।
HighLights
कौशल ने पत्नी, मां के खातों में भेजे पैसे।
सेवानिवृत होमगार्ड सतीश के नाम पर भी हुई निकासी।
जांच के लिए उच्च-स्तरीय समिति गठित।
अरविंद,बोकारो। Bokaro SP Office Scamः झारखंड के बोकारो में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों के नाम पर रुपये निकासी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे भी हो रहे हैं। 72 घंटे के रिमांड पर पूछताछ के लिए आए बोकारो एसपी कार्यालय के पूर्व अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडेय ने अपने इकबालिया बयान में बताया है कि वह 2021 से ही वह यह काम कर रहा था।
पांडेय ने बताया है कि वह सेवानिवृत हवलदार उपेंद्र सिंह की जन्म तिथि व अन्य ब्यौरा एडिट कर अपनी पत्नी अन्नु पांडेय का बैंक खाता नंबर डाल दिया। इसने बताया है कि वह वर्ष 2021 में अपनी मां ब्रिज कुमारी देवी के खाते में भी रुपये भेजा।
मां के खाते में पुलिस वालों को बेहतर काम करने के बदले वाले रिवार्ड की रकम को भी उसने भेजा। मां के नाम पर अस्थायी आइडी बनाकर इसने ऐसा किया। वर्ष 2021 में एस कुमार के नाम से भी उसने निकासी की। इसके बाद सेवानिवृत राजेंद्र सिंह, राम नरेश सिंह, दशरथ सिंह, ए मिंज, ललिता सिंह के जीपीएफ नंबर को एडिट कर अपनी मां के खाते में रुपया मंगवाया।
अनिल सिंह के नाम पर आइडी बनाकर अपने खाते में रुपया मंगवाया। कौशल ने यह भी बताया है कि एसपी कार्यालय के अकाउंट आफिस में उसके यहां तैनात गृहरक्षक सतीश के खाते में भी वह रुपये भेजता था। उसके कहने पर सतीश उसे 70 प्रतिशत राशि निकालकर नकद दे देता था, वहीं तीस प्रतिशत वह खुद रख लेता था।
कौशल ने बताया है कि सतीश को एसपी से बेहतर काम का रिवार्ड मिलता था। रिवार्ड की राशि निकालने के लिए अस्थायी आइडी वह सतीश का बनाया था। इसी में रुपये भेजा जाता था। डीडीओ को विश्वास में लेकर ओटीपी लेने के बाद धोखे से हस्ताक्षर भी वह करवा लेता था।
वर्ष 2020 से 2026 तक वह रुपये निकालता था। अवैध निकासी के रुपयों से जमीन व गहना वह खरीदा था। कुछ रुपया लोन चुकता करने के लिए वह खर्च किया। अभी उसके खाते में नौ लाख तो पत्नी के खाते में 58 लाख रुपये हैं। मां के खाते में पांच लाख रुपये हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
महालेखाकार चंद्रमौली सिंह ने वित्त सचिव को पत्र लिखकर कहा था कि बोकारो के एक हवलदार उपेंद्र सिंह के खाते में अधिक राशि का भुगतान किया गया है। यह राशि वेतन से काफी अधिक है। सवा तीन करोड़ रुपये की राशि का जिक्र एजी कार्यालय से किया गया था।
इस जानकारी के बाद जांच शुरू हुई तो एसपी कार्यालय के अकाउंटेंट कौशल की पत्नी के खाते में रुपये जाने का प्रमाण मिला। कौशल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसने उस समय कबूल किया कि वह 4.29 करोड़ की राशि गलत तरीके से निकाला है।
इसे पुलिस ने जेल भेज दिया। जेल जाने के बाद जांच जारी रही। जांच में गबन की राशि नौ करोड़ से भी अधिक हो गई। अभी जांच चल रही है। इसी बीच कौशल को पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया। रिमांड पर पूछताछ के बाद इसे पुलिस ने बीते 23 अप्रैल को वापस जेल भेज दिया।
उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में होगी जांच
राज्य सरकार ने उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई है। इस समिति में एजी कार्यालय के एक सदस्य के साथ वित्त विभाग की उप सचिव ज्योति कुमारी झा, अवर सचिव कपिल देव पंडित, लेखा नियंत्रक नरेश झा, एनआइसी के सहायक निदेशक गौरव कुमार और वित्त विभाग के प्रशाखा पदाधिकारी खिरोद सिंह मुंडा को सदस्य के तौर पर इस टीम में रखा गया है।
एसपी-डीसी से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार रखने को जांच टीम ने कहा है। दस दिन के अंदर बोकारो आकर टीम के सभी सदस्य जांच करेंगे और सरकार को रिपोर्ट देंगे।
